कुंभ वाली वायरल गर्ल मोनालिसा भोंसले और फरमान की बढ़ी मुश्किलें राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग का कड़ा एक्शन

कुंभ वाली वायरल गर्ल मोनालिसा भोंसले और फरमान की बढ़ी मुश्किलें राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग का कड़ा एक्शन

प्रयागराज कुंभ मेले से रातों-रात चर्चा में आईं मोनालिसा भोंसले और उनके पति फरमान एक बड़ी कानूनी मुश्किल में फंस गए हैं। राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) ने इस मामले में कड़ा रुख अपनाते हुए नोटिस जारी किया है। यह विवाद मोनालिसा की उम्र और उनके विवाह की वैधता को लेकर शुरू हुआ है, जिसने अब एक गंभीर कानूनी मोड़ ले लिया है।

उम्र को लेकर उठा विवाद और आयोग की सक्रियता

इस पूरे मामले की जड़ में मोनालिसा भोंसले की वास्तविक उम्र है। उनके पूर्व डायरेक्टर सनोज मिश्रा ने सार्वजनिक रूप से आरोप लगाया है कि मोनालिसा अभी नाबालिग हैं। परिवार और समाज के अन्य सदस्यों ने भी मीडिया के सामने दावा किया है कि फरमान ने धोखाधड़ी से यह विवाह किया है। इन शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए दिल्ली स्थित राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने खरगोन के पुलिस अधीक्षक (SP) को नोटिस जारी कर जांच के आदेश दिए हैं।

राज्यों के बीच समन्वय के निर्देश

चूंकि मामला कई राज्यों से जुड़ा है, इसलिए आयोग ने व्यापक स्तर पर कार्रवाई शुरू की है:

  • आयोग ने खरगोन एसपी को मोनालिसा के उम्र प्रमाण पत्र की गहनता से जांच करने को कहा है।
  • मध्य प्रदेश और केरल के मुख्य सचिवों के साथ-साथ पुलिस महानिदेशकों (DGP) को भी आपसी समन्वय स्थापित करने के निर्देश दिए गए हैं।
  • यदि मोनालिसा आयोग के समक्ष अपनी उम्र का पुख्ता प्रमाण नहीं दे पाती हैं, तो इस जोड़े को कड़ी कानूनी कार्रवाई का सामना करना पड़ सकता है।

असम के मंदिर में हुई थी शादी

ज्ञात हो कि मोनालिसा भोंसले ने अपने प्रेमी फरमान के साथ असम के एक मंदिर में शादी की थी। इस अंतरधार्मिक विवाह और मोनालिसा के नाबालिग होने के दावों ने इसे एक हाई-प्रोफाइल मामला बना दिया है। फिलहाल प्रशासन जांच में जुट गया है और यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि क्या इस विवाह में किसी कानूनी प्रक्रिया का उल्लंघन हुआ है।

एक झलक में

  • राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने मोनालिसा और फरमान को नोटिस जारी किया।
  • मामला मोनालिसा के नाबालिग होने के आरोपों से संबंधित है।
  • खरगोन एसपी को उम्र की जांच कर रिपोर्ट सौंपने का आदेश मिला है।
  • मध्य प्रदेश और केरल के प्रशासन को जांच में सहयोग करने को कहा गया है।
  • उम्र प्रमाण पत्र सही न होने पर कानूनी कार्रवाई की संभावना है।

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *