पश्चिम एशिया के संकट के बीच भारत की बड़ी तैयारी राजनाथ सिंह ने की उच्च स्तरीय बैठक

पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और बदलती भू-राजनीतिक परिस्थितियों को देखते हुए भारत सरकार पूरी तरह सतर्क है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने 8 अप्रैल को मंत्रियों के अनौपचारिक अधिकार प्राप्त समूह (आईजीओएम) की तीसरी महत्वपूर्ण बैठक की अध्यक्षता की। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य क्षेत्रीय संघर्षों के बीच भारतीय हितों की रक्षा करना और देश के भीतर आवश्यक संसाधनों की आपूर्ति को निर्बाध बनाए रखना है।
आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति और सुरक्षा पर जोर
बैठक के दौरान रक्षा मंत्री ने स्पष्ट किया कि सरकार की प्राथमिकता आम नागरिकों को वैश्विक तनाव के प्रभाव से बचाना है। पश्चिम एशिया में अस्थिरता के कारण ईंधन और अन्य संसाधनों पर पड़ने वाले संभावित असर को नियंत्रित करने के लिए रणनीतिक कदम उठाए जा रहे हैं।
- ईंधन की उपलब्धता: सरकार देश भर में एलपीजी, पेट्रोल और डीजल की निरंतर आपूर्ति सुनिश्चित कर रही है ताकि कीमतों और उपलब्धता पर कोई प्रतिकूल प्रभाव न पड़े।
- कृषि क्षेत्र की सुरक्षा: किसानों के हितों को ध्यान में रखते हुए उर्वरकों की पर्याप्त उपलब्धता बनाए रखने पर विशेष चर्चा की गई।
- नागरिकों की रक्षा: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पश्चिम एशिया में रहने वाले भारतीय नागरिकों की सुरक्षा और वहां से जुड़ी रसद आपूर्ति श्रृंखला (Supply Chain) की चौबीसों घंटे निगरानी की जा रही है।
भू-राजनीतिक स्थिति और निरंतर निगरानी
यह बैठक मंत्रियों के समूह की पिछली बैठकों की कड़ी में एक महत्वपूर्ण कदम है। इससे पहले 3 अप्रैल को हुई दूसरी बैठक में भी संघर्ष के प्रभाव को कम करने के लिए गहन चर्चा की गई थी। बदलती वैश्विक परिस्थितियों को देखते हुए रक्षा मंत्री ने अधिकारियों को हर छोटी-बड़ी घटना पर नजर रखने के निर्देश दिए हैं ताकि किसी भी आपात स्थिति में तत्काल निर्णय लिए जा सकें।
जनगणना 2027 और विकसित भारत का संकल्प
इस महत्वपूर्ण सुरक्षा समीक्षा के साथ-साथ रक्षा मंत्री ने राष्ट्र निर्माण से जुड़ी एक और महत्वपूर्ण प्रक्रिया ‘जनगणना 2027’ पर भी जानकारी साझा की। उन्होंने स्वयं इस प्रक्रिया के पहले चरण यानी स्व-गणना (Self-enumeration) में भाग लिया।
राजनाथ सिंह ने बताया कि जनगणना का वर्तमान चरण घरों की सूची तैयार करने और आवास संबंधी आंकड़ों पर केंद्रित है। उन्होंने देश के नागरिकों से इस प्रक्रिया में सक्रिय भागीदारी की अपील की है, क्योंकि सटीक डेटा ही ‘विकसित भारत’ के निर्माण की नींव रखेगा।
एक झलक
- रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने पश्चिम एशिया की स्थिति पर आईजीओएम की तीसरी बैठक की अध्यक्षता की।
- बैठक का मुख्य एजेंडा आवश्यक वस्तुओं जैसे पेट्रोल, डीजल और उर्वरक की निरंतर आपूर्ति सुनिश्चित करना था।
- पश्चिम एशिया के संघर्ष से भारतीय नागरिकों को सुरक्षित रखने के उपायों की समीक्षा की गई।
- सरकार ने भू-राजनीतिक तनाव के प्रतिकूल प्रभावों को कम करने के लिए चौबीसों घंटे निगरानी का तंत्र स्थापित किया है।
- रक्षा मंत्री ने जनगणना 2027 की स्व-गणना प्रक्रिया में भाग लेकर नागरिकों से सहयोग की अपील की।