भारत में इलेक्ट्रिक कारों की जबरदस्त रफ्तार इन 3 कंपनियों ने किया 87 फीसदी बाजार पर कब्जा

भारत में इलेक्ट्रिक पैसेंजर व्हीकल (EV) का बाजार अब एक नए युग में प्रवेश कर चुका है। वित्त वर्ष 2026 (FY26) के ताजा आंकड़े इस बात की तस्दीक करते हैं कि भारतीय ग्राहक अब पारंपरिक ईंधन के बजाय बिजली से चलने वाली गाड़ियों को प्राथमिकता दे रहे हैं। ऑटो डीलर्स एसोसिएशन (FADA) की रिपोर्ट के अनुसार, कुल पैसेंजर व्हीकल की बिक्री में इलेक्ट्रिक कारों की हिस्सेदारी पिछले साल के 2.6 प्रतिशत से बढ़कर अब 4.2 प्रतिशत हो गई है।
बाजार में तीन दिग्गजों का वर्चस्व
इलेक्ट्रिक कार बाजार की सबसे बड़ी खासियत यह रही कि यहाँ केवल तीन प्रमुख कंपनियों ने अपनी मजबूत पकड़ बना ली है। टाटा मोटर्स, जेएसडब्ल्यू एमजी मोटर और महिंद्रा एंड महिंद्रा ने मिलकर कुल बाजार के 87.3 प्रतिशत हिस्से पर अपना नियंत्रण स्थापित कर लिया है। यह दर्शाता है कि इंफ्रास्ट्रक्चर और भरोसे के मामले में इन कंपनियों ने ग्राहकों का दिल जीता है। दूसरी ओर, मारुति सुजुकी, टेस्ला और विनफास्ट जैसी नई और बड़ी कंपनियों की कुल हिस्सेदारी अभी महज 2 प्रतिशत तक ही सिमटी हुई है।
टाटा मोटर्स की बादशाहत बरकरार
ईवी सेगमेंट में टाटा मोटर्स का दबदबा पहले की तरह कायम है। कंपनी ने वित्त वर्ष 2026 में 78,811 यूनिट्स की बिक्री कर 35.9 प्रतिशत की वार्षिक वृद्धि दर्ज की है। नेक्सॉन ईवी और पंच ईवी जैसे मॉडल्स ने कंपनी को इस मुकाम पर बनाए रखने में सबसे बड़ी भूमिका निभाई है। मध्यम वर्ग के बीच टाटा की गाड़ियों की विश्वसनीयता और रेंज सबसे बड़ा प्लस पॉइंट साबित हो रही है।
एमजी और महिंद्रा की लंबी छलांग
जेएसडब्ल्यू एमजी मोटर ने इस साल सबको चौंकाते हुए 73.67 प्रतिशत की सालाना वृद्धि हासिल की और कुल 53,089 गाड़ियां बेचीं। कंपनी के विंडसर (Windsor) और कॉमेट (Comet) ईवी मॉडल्स को बाजार में शानदार रिस्पॉन्स मिला है।
वहीं, महिंद्रा एंड महिंद्रा ने ईवी सेगमेंट में सबसे आक्रामक बढ़त दिखाई है। वित्त वर्ष 2025 में जहां कंपनी ने केवल 8,426 यूनिट्स बेची थीं, वहीं वित्त वर्ष 2026 में यह आंकड़ा 407 प्रतिशत बढ़कर 42,721 यूनिट्स तक पहुंच गया। महिंद्रा की यह उपलब्धि इलेक्ट्रिक एसयूवी सेगमेंट में उसकी बढ़ती ताकत को दर्शाती है।
अन्य कंपनियों का प्रदर्शन
- हुंडई मोटर इंडिया: क्रेटा ईवी की मांग के चलते कंपनी ने 137.59 प्रतिशत की बढ़त के साथ 5,885 यूनिट्स बेचीं।
- बीवाईडी (BYD) इंडिया: चीनी दिग्गज ने भी भारत में 5,361 यूनिट्स की बिक्री के साथ 54.01 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की।
- किया (Kia) इंडिया: कंपनी ने 794 प्रतिशत की रिकॉर्ड छलांग लगाते हुए 3,738 गाड़ियां बेचीं।
- नए खिलाड़ी: मारुति सुजुकी की ईवीटारा (1,416 यूनिट्स), विनफास्ट (2,390 यूनिट्स) और टेस्ला (342 यूनिट्स) ने भी बाजार में अपनी उपस्थिति दर्ज कराई है।
एक झलक में
- कुल ईवी बिक्री (FY26): 1,99,923 यूनिट्स
- बाजार हिस्सेदारी: टाटा, एमजी और महिंद्रा का 87.3% कब्जा
- सबसे बड़ी कंपनी: टाटा मोटर्स (78,811 यूनिट्स)
- सबसे ज्यादा ग्रोथ: महिंद्रा एंड महिंद्रा (407%)
- ईवी शेयर: कुल रिटेल सेल्स में 4.2% की भागीदारी