गोवा के चर्चित बिर्च बाय रोमियो लेन क्लब पर ईडी की बड़ी कार्रवाई 17.45 करोड़ की संपत्ति जब्त

गोवा के चर्चित बिर्च बाय रोमियो लेन क्लब पर ईडी की बड़ी कार्रवाई 17.45 करोड़ की संपत्ति जब्त

प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने गोवा के प्रसिद्ध क्लब ‘बिर्च बाय रोमियो लेन’ के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग जांच में एक बड़ा कदम उठाया है। केंद्रीय एजेंसी ने धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के तहत कार्रवाई करते हुए क्लब से जुड़ी लगभग 17.45 करोड़ रुपये की अचल संपत्ति को अस्थायी रूप से कुर्क कर लिया है। यह कार्रवाई गोवा के अर्पोरा इलाके में स्थित इस क्लब के अवैध संचालन और सुरक्षा मानकों की घोर अनदेखी के कारण की गई है।

आग की घटना ने उजागर किया बड़ा फर्जीवाड़ा

इस पूरे मामले की जड़ें 6 दिसंबर 2025 को क्लब में लगी उस भीषण आग से जुड़ी हैं, जिसने पूरे देश को झकझोर दिया था। उस दुखद हादसे में 25 मासूमों की जान चली गई थी। गोवा पुलिस द्वारा सौरभ लूथरा और अन्य के खिलाफ अंजुना और मापुसा पुलिस स्टेशनों में दर्ज प्राथमिकियों के आधार पर ईडी ने अपनी जांच शुरू की थी। जांच के दौरान यह पाया गया कि क्लब केवल एक दुर्घटना का शिकार नहीं था, बल्कि यह अवैध दस्तावेजों और फर्जीवाड़े के आधार पर संचालित हो रहा था।

सुरक्षा मानकों और लाइसेंसों का उल्लंघन

ईडी की तफ्तीश में सामने आया कि क्लब का संचालन ‘बीइंग जीएस हॉस्पिटैलिटी गोवा अरपोरा एलएलपी’ नामक कंपनी कर रही थी। क्लब के संचालन में कानून की धज्जियां उड़ाने वाले निम्नलिखित तथ्य सामने आए हैं:

  • बिना फायर एनओसी के संचालन: क्लब के पास अग्निशमन विभाग का अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) तक नहीं था।
  • फर्जी दस्तावेज: लाइसेंस प्राप्त करने के लिए नकली हेल्थ एनओसी और फर्जी पुलिस क्लीयरेंस सर्टिफिकेट का सहारा लिया गया।
  • एक्सपायर्ड लाइसेंस: क्लब का ट्रेड लाइसेंस 31 मार्च 2024 को ही समाप्त हो चुका था, फिर भी इसे अवैध रूप से चलाया जा रहा था।

करोड़ों की अवैध कमाई और ईडी की छापेमारी

एजेंसी के अनुसार, इस क्लब ने 2023-24 से लेकर हादसे के दिन तक लगभग 29.78 करोड़ रुपये का राजस्व अर्जित किया। चूंकि यह व्यवसाय फर्जी दस्तावेजों और अवैध तरीके से चलाया जा रहा था, इसलिए ईडी ने इस पूरी राशि को ‘अपराध की आय’ (Proceeds of Crime) माना है। इससे पहले 23 जनवरी 2026 को ईडी ने इस मामले में कई ठिकानों पर छापेमारी की थी, जिसमें महत्वपूर्ण डिजिटल साक्ष्य बरामद हुए थे और लगभग 59 लाख रुपये के बैंक खातों को फ्रीज किया गया था।

यह मामला इस बात का गंभीर विश्लेषण पेश करता है कि कैसे व्यावसायिक लाभ के लिए प्रशासनिक मिलीभगत या फर्जीवाड़े के जरिए सार्वजनिक सुरक्षा को ताक पर रखा जाता है। ईडी की यह कार्रवाई अवैध क्लब संचालकों के लिए एक कड़ी चेतावनी है।

एक झलक

  • कुल कुर्की: 17.45 करोड़ रुपये की संपत्ति।
  • मुख्य आरोपी: सौरभ लूथरा और संबंधित हॉस्पिटैलिटी फर्म।
  • हादसा: 6 दिसंबर 2025 को आग लगने से 25 लोगों की मौत।
  • अवैध कमाई: क्लब ने अवैध संचालन से 29.78 करोड़ रुपये कमाए।
  • उल्लंघन: बिना ट्रेड लाइसेंस और फायर एनओसी के क्लब का संचालन।

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