मोदी कैबिनेट के 5 बड़े फैसले किसानों को सस्ती खाद और जयपुर को मिलेगी नई मेट्रो की सौगात

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई केंद्रीय कैबिनेट की बैठक में देश के बुनियादी ढांचे और कृषि क्षेत्र को मजबूती देने के लिए कई ऐतिहासिक फैसले लिए गए हैं। सरकार ने कुल 1,74,207 करोड़ रुपये के पांच बड़े प्रोजेक्ट्स को मंजूरी दी है। इन फैसलों का सीधा असर किसानों की आय, शहरी परिवहन और देश की ऊर्जा सुरक्षा पर पड़ेगा। केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के जरिए इन महत्वपूर्ण घोषणाओं की जानकारी साझा की।
किसानों के लिए बड़ी राहत डीएपी की कीमतों में नहीं होगा बदलाव
सरकार ने खरीफ फसलों के सीजन से पहले अन्नदाताओं के हितों की रक्षा करते हुए खाद पर भारी सब्सिडी जारी रखने का निर्णय लिया है। उर्वरक क्षेत्र के लिए उठाए गए प्रमुख कदम इस प्रकार हैं:
- सब्सिडी का आवंटन: डीएपी (DAP) और एनकेपीएस (NKPS) जैसे आवश्यक उर्वरकों के लिए 41,534 करोड़ रुपये की सब्सिडी स्वीकृत की गई है।
- कीमतों पर नियंत्रण: अंतरराष्ट्रीय बाजार में खाद की कीमतों में उतार-चढ़ाव के बावजूद भारतीय किसानों को डीएपी की बोरी केवल 1350 रुपये में ही मिलेगी।
- आर्थिक सुरक्षा: उत्पादन और आयात की बढ़ती लागत का पूरा बोझ सरकार खुद उठाएगी ताकि किसानों पर अतिरिक्त वित्तीय भार न पड़े।
जयपुर मेट्रो फेज-2 और बुनियादी ढांचे का विस्तार
शहरी विकास और औद्योगिक प्रगति को ध्यान में रखते हुए सरकार ने दो बड़े प्रोजेक्ट्स को हरी झंडी दिखाई है। जयपुर में ट्रैफिक की समस्या से निपटने के लिए मेट्रो के दूसरे चरण को मंजूरी दी गई है।
- जयपुर मेट्रो फेज-2: 13,038 करोड़ रुपये की लागत से 41 किलोमीटर लंबे मेट्रो ट्रैक का निर्माण किया जाएगा। यह प्रोजेक्ट लाखों यात्रियों के सफर को सुगम और जाम मुक्त बनाएगा।
- HPCL राजस्थान रिफाइनरी: राजस्थान के औद्योगिक विकास को गति देने के लिए एचपीसीएल रिफाइनरी प्रोजेक्ट हेतु 79,459 करोड़ रुपये का फंड आवंटित किया गया है। इससे राज्य में बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर पैदा होंगे।
ऊर्जा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता हाइड्रो इलेक्ट्रिक प्रोजेक्ट्स को मंजूरी
भारत की भविष्य की ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने के लिए कैबिनेट ने दो विशाल जलविद्युत परियोजनाओं पर मुहर लगाई है। ये प्रोजेक्ट्स न केवल बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करेंगे बल्कि पर्यावरण अनुकूल ऊर्जा के स्रोतों को भी बढ़ावा देंगे।
- कमला हाइड्रो इलेक्ट्रिक प्रोजेक्ट: 26,070 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाली इस परियोजना की क्षमता 1,720 मेगावाट होगी।
- कलाई-II हाइड्रो इलेक्ट्रिक प्रोजेक्ट: देश की ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करने के लिए 1,200 मेगावाट क्षमता वाली इस परियोजना पर 14,106 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।
एक झलक
- कुल बजट: 1.74 लाख करोड़ रुपये से अधिक के 5 बड़े प्रोजेक्ट्स।
- खाद सब्सिडी: 41,534 करोड़ रुपये, डीएपी की कीमत 1350 रुपये पर स्थिर।
- मेट्रो विस्तार: जयपुर में 41 किमी लंबा नया मेट्रो रूट बनेगा।
- रिफाइनरी: राजस्थान एचपीसीएल प्रोजेक्ट के लिए 79,459 करोड़ रुपये मंजूर।
- बिजली उत्पादन: कुल 2,920 मेगावाट की दो नई जलविद्युत परियोजनाएं।