मिडिल ईस्ट में फिर मचा हाहाकार! ईरान ने बंद की होर्मुज जलसंधि, इजरायल के हमले से भड़का तेहरान!

मिडिल ईस्ट में शांति की उम्मीदों को करारा झटका लगा है। बुधवार सुबह जिस युद्धविराम की घोषणा अमेरिका और ईरान के बीच हुई थी, वह 24 घंटे भी नहीं टिक सकी। बुधवार आधी रात को ईरान ने एक बार फिर दुनिया की सबसे महत्वपूर्ण व्यापारिक लाइफलाइन ‘होर्मुज जलसंधि’ (Strait of Hormuz) को बंद कर दिया है। ईरान का आरोप है कि अमेरिका और उसके सहयोगियों ने युद्धविराम की शर्तों का उल्लंघन किया है, जिसके बाद पूरे क्षेत्र में एक बार फिर युद्ध के बादल मंडराने लगे हैं।
इजरायल का लेबनान पर भीषण हमला ईरान ने दावा किया है कि युद्धविराम के बावजूद इजरायल ने लेबनान पर भारी बमबारी की है। तेहरान के अनुसार, इजरायली वायुसेना ने मात्र 10 मिनट के भीतर लेबनान पर 100 से अधिक हवाई हमले किए। इस हमले में अब तक 112 लोगों की जान जा चुकी है और 800 से अधिक लोग घायल हैं। ईरान ने इसे विश्वासघात करार देते हुए होर्मुज जलसंधि को ब्लॉक कर दिया है। ईरान का कहना है कि जब तक उनके सहयोगियों पर हमले नहीं रुकेंगे, तब तक व्यापारिक मार्ग नहीं खोला जाएगा।
ट्रंप और नेतन्याहू का कड़ा रुख दूसरी ओर, इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने स्पष्ट कर दिया है कि ईरान के साथ हुए समझौते में लेबनान और हिजबुल्लाह शामिल नहीं हैं। उन्होंने ‘एक्स’ पर लिखा कि इजरायल ईरान पर हमले रोकने के ट्रंप के फैसले का समर्थन करता है, लेकिन लेबनान में आतंकवाद के खिलाफ ऑपरेशन जारी रहेगा। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी इस रुख का समर्थन करते हुए कहा कि हिजबुल्लाह इस शांति समझौते का हिस्सा नहीं है, इसलिए लेबनान में सैन्य अभियान पूरी तरह जायज है।
वैश्विक अर्थव्यवस्था पर संकट व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलीन लेवेट ने ईरान को चेतावनी दी है कि होर्मुज जलसंधि को बंद करना स्वीकार्य नहीं है। अगर यह रास्ता बंद रहता है, तो वैश्विक तेल आपूर्ति बाधित होगी और पेट्रोल-डीजल की कीमतों में भारी उछाल आएगा। 10 अप्रैल को होने वाली शांति वार्ता अब खटाई में पड़ती दिख रही है। दुनिया इस समय दहशत में है कि क्या यह तनाव किसी बड़े वैश्विक युद्ध का रूप ले लेगा? मिडिल ईस्ट के इस बिगड़ते हालात ने अंतरराष्ट्रीय बाजार और कूटनीतिज्ञों की नींद उड़ा दी है।