चुनाव आयोग का बड़ा एक्शन! एक साथ 149 पुलिस अधिकारियों का तबादला, बंगाल प्रशासन में मची खलबली

पश्चिम बंगाल में चुनाव की तारीखें नजदीक आते ही निर्वाचन आयोग (EC) पूरी तरह से एक्शन मोड में आ गया है। निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित करने के लिए आयोग ने एक बड़ा कदम उठाते हुए राज्य पुलिस के 149 अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से हटा दिया है। हटाए गए अधिकारियों में इंस्पेक्टर और सब-इन्स्पेक्टर स्तर के पुलिसकर्मी शामिल हैं। आयोग के इस आदेश ने राज्य की प्रशासनिक और राजनीतिक गलियारों में हड़कंप मचा दिया है।
गुरुवार को जारी आधिकारिक अधिसूचना के अनुसार, कुल 149 अधिकारियों का तबादला किया गया है, जिनमें 81 इंस्पेक्टर और 68 सब-इन्स्पेक्टर शामिल हैं। आयोग ने स्पष्ट निर्देश दिया है कि ये सभी अधिकारी चुनाव से जुड़ी किसी भी प्रक्रिया का हिस्सा नहीं बन पाएंगे। इन अधिकारियों को आज शाम 5 बजे तक अपने नए पदों पर कार्यभार संभालने का आदेश दिया गया है। साथ ही, आयोग ने इनसे एक शपथ पत्र (मुचलका) भी माँगा है, जिसमें यह सुनिश्चित करना होगा कि वे चुनावी गतिविधियों में शामिल नहीं होंगे। इससे पहले 29 मार्च को भी 150 अधिकारियों को हटाया गया था, जिनमें से 49 सब-इन्स्पेक्टरों को अब जिला बदलने का निर्देश दिया गया है।
चुनाव आयोग के इस फैसले पर सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस (TMC) ने कड़ी आपत्ति जताई है। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पहले ही मुख्य सचिव, गृह सचिव और डीजीपी जैसे शीर्ष अधिकारियों के तबादलों को लेकर आयोग पर निशाना साध चुकी हैं। टीएमसी का आरोप है कि आयोग जानबूझकर प्रशासन को अस्थिर करने की कोशिश कर रहा है। यह मामला कलकत्ता हाईकोर्ट तक भी पहुँच चुका है, जहाँ टीएमसी सांसद और वकील कल्याण बनर्जी ने इन तबादलों के खिलाफ दलीलें पेश की हैं।
राज्य में दो चरणों में—23 अप्रैल और 29 अप्रैल को मतदान होना है। उम्मीदवारों के नामांकन की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है और चुनाव प्रचार अपने चरम पर है। इस बीच, चुनाव आयोग और तृणमूल कांग्रेस के बीच विवाद बढ़ता ही जा रहा है। हाल ही में मतदाता सूची से नाम कटने की शिकायत लेकर पहुँचे डेरेक ओ’ब्रायन और टीएमसी प्रतिनिधिमंडल के साथ आयोग की तीखी नोकझोंक भी हुई थी। ऐसे में, मतदान से चंद दिन पहले इस भारी फेरबदल ने बंगाल की चुनावी तपिश को और बढ़ा दिया है।