युद्ध के संकट के बीच मुंबई पहुंचा ‘ग्रीन आशा’ जहाज! भारत के लिए एलपीजी सप्लाई पर बड़ी राहत

मध्य पूर्व में जारी भारी तनाव और युद्ध की आहट के बीच भारत के लिए एक बहुत ही सुखद खबर आई है। ईरान और अमेरिका के बीच दो सप्ताह के युद्धविराम के बीच, भारत का महत्वपूर्ण एलपीजी (LPG) टैंकर ‘ग्रीन आशा’ सुरक्षित रूप से मुंबई के जवाहरलाल नेहरू पोर्ट (JNPT) पहुंच गया है। वैश्विक अस्थिरता के इस दौर में, इस जहाज का पहुंचना भारत की ऊर्जा सुरक्षा के लिहाज से एक बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है।

यह जहाज 30 मार्च को संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के अल रामस बंदरगाह से रवाना हुआ था, लेकिन हॉर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में चल रहे तनाव के कारण लंबे समय तक वहीं फंसा रहा। इस जहाज में कुल 15,400 टन एलपीजी लदी है। केंद्र सरकार ने इस पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए सोशल मीडिया पर पोस्ट किया कि ‘ग्रीन आशा’ का भारत पहुंचना एक मील का पत्थर है और जहाज के सभी चालक दल के सदस्य पूरी तरह सुरक्षित हैं।

युद्ध के कारण दुनिया भर में ईंधन की आपूर्ति को लेकर जो चिंता बनी हुई थी, भारत ने उसे काफी हद तक नियंत्रित कर लिया है। मार्च के अंत तक सरकार ने घोषणा की थी कि देश के पास 76 दिनों का एलपीजी बफर स्टॉक मौजूद है। अब इस नए शिपमेंट के आने के बाद भारत का ईंधन भंडार और भी मजबूत हो गया है। जानकारों का कहना है कि वर्तमान स्टॉक के साथ भारत अगले ढाई से तीन महीने तक बिना किसी बाधा के घरेलू गैस की आपूर्ति जारी रख सकता है। सरकार ने पहले ही वितरण प्रणाली को तेज कर दिया है ताकि किसी भी तरह की जमाखोरी या कमी की स्थिति पैदा न हो।

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