‘वोट से देंगे जवाब!’ 4% डीए नहीं मिलने पर भड़के शिक्षक, ममता सरकार को दी सीधी चेतावनी

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव से पहले राज्य के सरकारी कर्मचारियों और शिक्षकों के बीच महंगाई भत्ते (Dearness Allowance) को लेकर भारी आक्रोश देखा जा रहा है। ममता सरकार ने बजट में 4 प्रतिशत डीए बढ़ाने का वादा किया था, जिसे 1 अप्रैल से लागू होना था। लेकिन अप्रैल का महीना शुरू होने के बावजूद अब तक नबन्ना (सचिवालय) की ओर से कोई आधिकारिक अधिसूचना जारी नहीं की गई है। इस देरी ने शिक्षकों के सब्र का बांध तोड़ दिया है, जिन्होंने अब चुनाव में सरकार को सबक सिखाने की हुंकार भरी है।
शिक्षकों का कहना है कि वे हर बार सरकारी लाभों से वंचित रह जाते हैं। न केवल 4% अतिरिक्त डीए अटका हुआ है, बल्कि सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बावजूद पांचवें वेतन आयोग का बकाया (Arrears) भी शिक्षकों तक नहीं पहुंचा है। इसके अलावा, सरकारी स्वास्थ्य योजना (Health Scheme) का लाभ न मिलना उनके गुस्से को और बढ़ा रहा है। शिक्षकों के अनुसार, सरकार की इस ‘वंचना’ का असर आगामी मतदान पर पड़ना तय है।
बंगीय शिक्षक एवं शिक्षाकर्मी समिति के महासचिव स्वपन मंडल ने चेतावनी देते हुए कहा कि मुख्यमंत्री ने बजट के दिन वादा किया था कि बढ़ी हुई राशि अप्रैल से मिलेगी, लेकिन अब तक कोई ऑर्डर नहीं निकला है। उन्होंने स्पष्ट किया, “7 दिनों के भीतर पोस्टल बैलट से मतदान शुरू होने वाला है। अगर सरकार ने जल्द कदम नहीं उठाया, तो इसका सीधा असर चुनावी नतीजों पर पड़ेगा।” चुनाव आचार संहिता लागू होने के बीच डीए के इस पेंच ने सरकारी कर्मचारियों की चिंता बढ़ा दी है, वहीं राजनीतिक गलियारों में इसे सरकार के लिए एक बड़े झटके के रूप में देखा जा रहा है।