परमाणु हमले में भी नहीं होगा बाल भी बांका! सात दिनों तक हवा में तैरता रहेगा अमेरिका का ‘कयामत का विमान

जब दुनिया पर महाप्रलय का खतरा मंडराएगा और जमीन पर बने तमाम कंट्रोल सेंटर तबाह हो जाएंगे, तब अमेरिका का ‘डूम्सडे प्लेन’ (Doomsday Plane) हरकत में आएगा। बोइंग E4B मॉडल का यह विमान महज एक जहाज नहीं, बल्कि आसमान में उड़ता हुआ एक अभेद्य किला है। इसे खास तौर पर परमाणु युद्ध या किसी बड़े वैश्विक संकट के समय अमेरिकी राष्ट्रपति, रक्षा मंत्री और सेना के प्रमुखों के लिए एक कमांड सेंटर के रूप में डिजाइन किया गया है।
क्या है इसकी खासियत? यह विमान बिना जमीन पर उतरे लगातार सात दिनों तक उड़ान भर सकता है। इसकी सबसे बड़ी ताकत इसका ‘रेडिएशन शील्ड’ है, जो इसे परमाणु विस्फोट के बाद निकलने वाली खतरनाक किरणों और इलेक्ट्रोमैग्नेटिक पल्स (EMP) से बचाता है। इसमें ६७ विशेष एंटीना लगे हैं, जो दुनिया के किसी भी कोने, यहाँ तक कि समुद्र की गहराई में छिपी पनडुब्बियों से भी संपर्क साध सकते हैं। अमेरिका फिलहाल ऐसे पांच नए विमानों के लिए १३ अरब डॉलर खर्च कर रहा है, जो आधुनिक तकनीकों से लैस होंगे।
युद्ध के लिए हमेशा तैयार इस विमान का इंजन २४ घंटे चालू रहने के लिए तैयार रहता है ताकि किसी भी हमले की स्थिति में यह चंद मिनटों में उड़ान भर सके। इसके अंदर कॉन्फ्रेंस रूम, ब्रीफिंग रूम और ऑपरेशन सेंटर बने हुए हैं। दिलचस्प बात यह है कि पूरी दुनिया में केवल अमेरिका और रूस के पास ही ऐसे ‘कयामत के विमान’ मौजूद हैं। ट्रंप और किम जोंग-उन के बीच तनाव के दौरान इस विमान ने पूरी दुनिया का ध्यान खींचा था।