27 साल बाद महासंयोग! दशहरे के ठीक बाद शनि बदलेंगे नक्षत्र, 4 राशियों की बढ़ेगी मुश्किलें, रहें सावधान
ज्योतिष शास्त्र में शनिदेव को ‘कर्म फल दाता’ और न्याय का देवता माना जाता है। वे लोगों को उनके कर्मों के अनुसार फल देते हैं और सही मार्ग पर चलने के लिए प्रेरित करते हैं। शनि का नाम सुनते ही अक्सर लोग डर जाते हैं, लेकिन शनि का प्रभाव हमेशा नकारात्मक नहीं होता।
शनि की चाल सबसे धीमी है, लेकिन इसका प्रभाव अत्यंत गहरा और दीर्घकालिक होता है। शनि की साढ़े साती और ढैया जैसे काल किसी व्यक्ति के जीवन में कई चुनौतियाँ ला सकते हैं, लेकिन ये बेहतर जीवन जीना भी सिखाते हैं। यदि शनिदेव आपकी राशि में शुभ स्थिति में हों, तो वह आपको राजसी ठाठ, धन, सम्मान और व्यक्तिगत प्रगति का आशीर्वाद दे सकते हैं।
अशुभ शक्तियों पर शुभ शक्ति की जीत का प्रतीक बिजया दशमी और दशहरा 2 अक्टूबर को मनाया जाएगा। पंचांग के अनुसार, इसके ठीक अगले दिन शनि अपना नक्षत्र बदलने जा रहे हैं। यानी 3 अक्टूबर को शनि पूर्व भाद्रपद नक्षत्र में प्रवेश करेंगे। ज्योतिषियों का मानना है कि शनि का यह नक्षत्र परिवर्तन लगभग 27 साल बाद हो रहा है, जो एक दुर्लभ संयोग है। शनि के नक्षत्र का यह परिवर्तन कुछ राशियों पर नकारात्मक प्रभाव डालेगा।
आइए जानते हैं 3 अक्टूबर के बाद किन 4 राशि चक्रों को विशेष रूप से सतर्क रहने की आवश्यकता है:
१. मेष (Aries): मेष राशि के जातकों को इस अवधि में क्रोध और जल्दबाजी से बचना चाहिए। आपके कार्यों में बाधा आ सकती है और योजनाओं में देरी हो सकती है। मानसिक तनाव भी बढ़ सकता है। इस समय धैर्य बनाए रखें। जल्दबाजी में कोई भी बड़ा निर्णय लेने से बचें।
२. कर्क (Cancer): कर्क राशि के जातकों को आर्थिक मामलों में सावधानी बरतनी होगी। किसी भी निवेश पर सावधानीपूर्वक विचार करें, क्योंकि नुकसान की संभावना है। पारिवारिक संबंध भी तनावपूर्ण हो सकते हैं। छोटी-छोटी बातों पर बहस करने से बचें और घर में शांति बनाए रखें।
३. तुला (Libra): तुला राशि के जातकों के करियर में उतार-चढ़ाव की संभावना है। उन्हें अपने कार्यक्षेत्र में कड़ी मेहनत करनी होगी, लेकिन परिणाम तुरंत नहीं मिल सकता है। काम में निराशा से बचें और अपने लक्ष्यों पर ध्यान केंद्रित करें। इस दौरान अपने स्वास्थ्य के प्रति भी सतर्क रहें।
४. मकर (Capricorn): मकर राशि के जातकों को इस समय सावधानी के साथ आगे बढ़ना चाहिए। उनकी नौकरी और व्यवसाय में समस्याएं आ सकती हैं। सहकर्मियों के साथ मतभेद या काम में देरी के कारण मानसिक दबाव बढ़ सकता है। घर और परिवार में भी जिम्मेदारियां बढ़ेंगी, जो तनाव का कारण बन सकती हैं।
(अस्वीकरण: यहाँ दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं और ज्योतिष पर आधारित है। DailyHunt इसकी पुष्टि नहीं करता है।)