कब्ज, एसिडिटी और स्किन ड्राईनेस, लंबी भूख प्यास से बिगड़ सकती है सेहत, व्रत के दौरान न करें ये गलती
नवरात्रि का पावन पर्व जहां आध्यात्मिक महत्व रखता है, वहीं इस दौरान रखे जाने वाले कठोर व्रत (Fasting), खासकर निर्जला उपवास, स्वास्थ्य के लिए गंभीर चुनौतियां पैदा कर सकते हैं। चिकित्सकों और शोधकर्ताओं का स्पष्ट मत है कि लंबे समय तक पानी का सेवन न करना सेहत के लिए खतरनाक हो सकता है।
शोध के अनुसार, निर्जला व्रत के दौरान शरीर पर पड़ने वाले 5 प्रमुख नकारात्मक प्रभाव:
1. डिहाइड्रेशन और ब्रेन फंक्शन पर असर: निर्जला व्रत के दौरान पानी और इलेक्ट्रोलाइट्स की कमी हो जाती है, जिससे थकान, चक्कर आना और सुस्ती महसूस होती है। गंभीर मामलों में उल्टी-दस्त भी हो सकते हैं। Journal of Nutrition (2024) के एक अध्ययन के मुताबिक, केवल 2-3 प्रतिशत पानी की कमी से ही मस्तिष्क की कार्यक्षमता प्रभावित होती है, जिससे एकाग्रता और मूड पर असर पड़ता है।
2. पाचन संबंधी समस्याएं: व्रत में लोग अक्सर साबूदाना, कुट्टू और आलू जैसे भारी खाद्य पदार्थ खाते हैं, जबकि पानी कम पीते हैं। इससे कब्ज, गैस और एसिडिटी की समस्या बढ़ जाती है। पानी की कमी से आंतों में मल सख्त हो जाता है, जिससे कब्ज की समस्या चरम पर पहुंच जाती है।
3. ब्लड शुगर का असंतुलन: डायबिटीज के मरीज़ों के लिए निर्जला व्रत अधिक खतरनाक है। पानी न पीने और लंबे समय तक भूखे रहने से ब्लड शुगर अचानक गिर सकता है (Hypoglycemia)। वहीं, व्रत तोड़ते समय मीठा खाने से यह तेज़ी से बढ़ भी सकता है (Hyperglycemia)। डिहाइड्रेशन से इंसुलिन की कार्यक्षमता प्रभावित होती है। डायबिटीज रोगियों को बिना चिकित्सक की सलाह के निर्जला व्रत नहीं रखना चाहिए।
4. त्वचा पर दुष्प्रभाव: कम पानी पीने से त्वचा सूखी हो जाती है, होंठ फटने लगते हैं और समय से पहले झुर्रियां दिखाई दे सकती हैं। पर्याप्त पानी पीने से त्वचा की नमी बनी रहती है और कोलेजन उत्पादन में सहायता मिलती है।
5. किडनी पर गंभीर दबाव: पानी की कमी से पेशाब की मात्रा घट जाती है, जिससे किडनी में टॉक्सिन्स जमा होने लगते हैं। इससे यूरिनरी ट्रैक्ट इंफेक्शन (UTI) और किडनी स्टोन का खतरा बढ़ता है। चिकित्सकों का कहना है कि किडनी की सेहत के लिए नियमित रूप से पर्याप्त पानी पीना आवश्यक है। यदि धार्मिक कारणों से निर्जला व्रत रखा जा रहा है, तो चिकित्सक की सलाह अवश्य लें और स्वास्थ्य को लेकर अतिरिक्त सावधानी बरतें।