30 के बाद महिलाओं के लिए वरदान हैं ये 3 चीजें! हार्मोन बैलेंस करने से लेकर हड्डियों को मजबूत बनाएंगी

30 की उम्र के बाद महिलाओं के शरीर में कई तरह के बदलाव आने लगते हैं। हार्मोनल फ्लक्चुएशन, बोन डेंसिटी कम होना, पीरियड्स की दिक्कतें और थायरॉइड-पीसीओएस (Thyroid-PCOS) जैसी समस्याएँ आम हो जाती हैं। ऐसे में हेल्दी डाइट का हिस्सा बने कुछ फूड्स आपकी इन परेशानियों को काफी हद तक कंट्रोल कर सकते हैं। हेल्दी बॉडी और ग्लोइंग स्किन चाहती हैं तो इन तीन चीजों को अपनी रोजमर्रा की डाइट में ज़रूर शामिल करें: सोयाबीन, कच्चा प्याज और तिल

हार्मोन बैलेंस करेगा सोयाबीन

सोयाबीन 30s के बाद महिलाओं के लिए एक तरह का सुपरफूड है।

  • हार्मोन संतुलन: इसमें मौजूद आइसोफ्लेवोन्स (Isoflavones) हार्मोन को बैलेंस करने में मदद करते हैं, जिससे मेनोपॉज के लक्षण (हॉट फ्लैश, मूड स्विंग) कम होते हैं।
  • मांसपेशियाँ और मेटाबॉलिज्म: सोयाबीन प्लांट-बेस्ड प्रोटीन का बेस्ट सोर्स है, जो मसल्स स्ट्रॉन्ग रखने और मेटाबॉलिज्म (Metabolism) सही करने में मदद करता है।
  • हड्डियों की सेहत: यह बोन डेंसिटी को बढ़ाता है और ऑस्टियोपोरोसिस (Osteoporosis) के खतरे को कम करता है।
  • उपयोग: रोज़ थोड़ी मात्रा में सोया चंक्स, सोया मिल्क या सोया पनीर खाने से स्किन और हेयर भी हेल्दी रहते हैं।

दिल और स्किन का ख्यान रखेगा कच्चा प्याज

कच्चा प्याज सिर्फ टेस्ट बढ़ाने के लिए नहीं, बल्कि हेल्थ का खजाना है।

  • हार्ट और ब्लड प्रेशर: इसमें मौजूद फ्लेवोनॉयड्स (Flavonoids) और एंटीऑक्सीडेंट्स (Antioxidants) हार्ट को हेल्दी रखते हैं और ब्लड प्रेशर कंट्रोल करते हैं।
  • डायबिटीज रिस्क: कच्चा प्याज इंसुलिन सेंसिटिविटी बढ़ाता है, जिससे डायबिटीज का रिस्क कम होता है।
  • त्वचा की चमक: यह खून को साफ करता है और ग्लोइंग स्किन देता है।
  • महिलाओं की समस्याएँ: प्याज के न्यूट्रिशन से महिलाओं में थायरॉइड और पीसीओएस जैसी प्रॉब्लम को भी काफी हद तक सपोर्ट मिलता है। गर्मियों में यह हीट स्ट्रोक से बचाता है।

कैल्शियम और एनर्जी का खजाना तिल

तिल को अक्सर सर्दियों का फूड माना जाता है, लेकिन महिलाओं के लिए यह पूरे साल फायदेमंद है।

  • हड्डियाँ और दाँत: तिल कैल्शियम, आयरन और मैग्नीशियम से भरपूर होते हैं, जो हड्डियों और दाँतों को मजबूत बनाते हैं।
  • हृदय और मस्तिष्क: इसमें मौजूद ओमेगा-6 फैटी एसिड्स हार्ट और ब्रेन हेल्थ को सपोर्ट करते हैं।
  • हार्मोन और पीरियड्स: तिल खाने से पीरियड्स के दौरान दर्द कम होता है और हार्मोनल हेल्थ बेहतर रहती है।
  • एंटी-एजिंग: इसमें मौजूद सेसामोल (Sesamol) एंटी-एजिंग प्रॉपर्टी देता है, जिससे स्किन और हेयर हेल्दी रहते हैं। रोज़ सुबह तिल का लड्डू, तिल के बीज या तिल का तेल इस्तेमाल करने से बॉडी को एनर्जी और स्टैमिना मिलता है।

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