४० से ७० साल के २७,००० लोगों पर रिसर्च, ‘नींद की कमी से हो रहा है ‘प्रीमेच्योर ब्रेन एजिंग’!

बेहतर शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य के लिए पर्याप्त नींद बेहद ज़रूरी है। लेकिन क्या आपको पता है, आपकी कम नींद सीधे आपके मस्तिष्क के स्वास्थ्य को प्रभावित कर रही है? हाल ही में हुए एक बड़े शोध में यह alarming डेटा सामने आया है।

शोधकर्ताओं ने ४० से ७० वर्ष की आयु के २७,००० वयस्कों के मस्तिष्क के MRI स्कैन का विश्लेषण किया। उन्होंने पाया कि जो लोग प्रतिदिन ६ घंटे से कम सोते हैं, उनके मस्तिष्क में तेज़ी से उम्र बढ़ने के लक्षण दिखाई देते हैं। इसका मतलब है कि नींद की कमी मस्तिष्क के समय से पहले बुढ़ापे (Premature Brain Aging) का कारण बन रही है।

मस्तिष्क पर नींद का असर:

विशेषज्ञों के अनुसार, सोते समय मस्तिष्क पूरे दिन जमा हुए विषाक्त पदार्थों को साफ़ करता है और तंत्रिका कनेक्शनों की मरम्मत करता है। जब पर्याप्त नींद नहीं मिलती, तो यह महत्वपूर्ण प्रक्रिया बाधित होती है, जिससे मस्तिष्क की कोशिकाएँ क्षतिग्रस्त होने लगती हैं। नतीजतन, संज्ञानात्मक कार्य (Cognitive Function) जैसे कि याददाश्त, ध्यान केंद्रित करने की क्षमता और निर्णय लेने की शक्ति कमजोर हो जाती है।

इस शोध के नतीजे एक साफ़ संदेश देते हैं—शारीरिक फिटनेस के साथ-साथ मानसिक और मस्तिष्क के स्वास्थ्य को बनाए रखने के लिए हर रात कम से कम ७ से ८ घंटे की निर्बाध नींद आवश्यक है। अपने मस्तिष्क को स्वस्थ और सक्रिय रखने के लिए नींद से कोई समझौता न करें।

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