कोलरा अलर्ट: मानसून में बढ़ा खतरा, इन लक्षणों को नजरअंदाज न करें

मानसून के मौसम में जल-जनित बीमारियों, विशेष रूप से हैजा (कोलरा) का खतरा तेजी से बढ़ गया है, जिसके लिए जनस्वास्थ्य विशेषज्ञों ने आपातकालीन चेतावनी जारी की है। विब्रियो कॉलेरी (Vibrio cholerae) नामक बैक्टीरिया से होने वाला यह रोग दूषित पेयजल के माध्यम से आसानी से फैलता है। जहां साफ-सफाई की कमी होती है, वहां इसका जोखिम और भी बढ़ जाता है। विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार, संक्रमण के बाद 12 घंटे से 5 दिन के भीतर इसके लक्षण दिख सकते हैं।
हैजा के मुख्य लक्षणों में गंभीर निर्जलीकरण, अचानक निम्न रक्तचाप, मतली और चक्कर आना शामिल हैं। यह बैक्टीरिया शरीर में एंटरोटॉक्सिन बनाता है, जो जानलेवा डिहाइड्रेशन पैदा कर सकता है। विशेषज्ञों की सलाह है कि इस बीमारी से बचने के लिए पीने के पानी की शुद्धता सुनिश्चित करें और उबला हुआ पानी ही पिएं। समय पर ओआरएस (ORS) और डॉक्टर की सलाह से एंटीबायोटिक दवाओं का उपयोग न करने पर यह रोग घातक सिद्ध हो सकता है।