शुभ-अशुभ का मिलन! शुक्र-बृहस्पति के योग से बन रहा ‘केंद्र दृष्टि योग’, किन राशियों की चमकेगी किस्मत?
धन, प्रेम, आकर्षण और विवाह का कारक ग्रह शुक्र, हर महीने अपनी राशि बदलकर मानव जीवन पर तरह-तरह से प्रभाव डालता है। नवंबर की शुरुआत में शुक्र अपनी मूल त्रिकोण राशि तुला राशि में प्रवेश करेगा, जिससे मालव्य राजयोग का निर्माण होगा। इसी के साथ, ३ नवंबर को सुबह ४:४४ बजे, शुक्र ग्रह देवगुरु बृहस्पति के साथ एक विशेष स्थिति में आकर केंद्र दृष्टि योग का निर्माण करेगा। राक्षसों के गुरु शुक्र और देवताओं के गुरु बृहस्पति का यह विशेष मिलन कुछ राशियों के लिए शानदार सौभाग्य ला सकता है।
महत्वपूर्ण जानकारी: १८ अक्टूबर, २०२५ से बृहस्पति अपनी उच्च राशि कर्क राशि में स्थित हैं। इस स्थिति में शुक्र और बृहस्पति के मेल से बना केंद्र दृष्टि योग (जब दोनों ग्रह एक-दूसरे से ६० डिग्री दूर होते हैं) कुछ विशिष्ट राशियों के लिए विशेष रूप से शुभ हो सकता है।
आइए जानते हैं किन राशियों के लिए यह योग अत्यंत भाग्यशाली साबित होने वाला है:
१. मेष राशि (ARIES)
- ग्रहों की स्थिति: बृहस्पति तीसरे भाव में और शुक्र सातवें भाव में रहेंगे।
- शुभ फल:
- भाग्य और आध्यात्मिकता: भाग्य के घर पर बृहस्पति की सातवीं दृष्टि होने से भाग्य उल्लेखनीय रूप से अनुकूल होगा। आध्यात्मिकता की ओर झुकाव बढ़ेगा और धार्मिक यात्राओं पर जा सकते हैं।
- करियर और व्यापार: करियर में शुभ परिणाम देखने को मिलेंगे, कार्यों में सफलता मिल सकती है। विदेश में नौकरी ढूंढ रहे लोगों को भी ऑफर मिल सकते हैं। व्यापार में महत्वपूर्ण लाभ हो सकता है।
- व्यक्तिगत जीवन: दोस्तों और परिवार के साथ अच्छा समय बीतेगा। आय में उल्लेखनीय वृद्धि हो सकती है।
२. मिथुन राशि (GEMINI)
- ग्रहों की स्थिति: शुक्र पाँचवें भाव में और बृहस्पति दूसरे भाव में स्थित हैं।
- शुभ फल:
- आर्थिक लाभ: आर्थिक रूप से महत्वपूर्ण रूप से लाभान्वित हो सकते हैं। व्यापार में निवेश से आने वाले वर्षों में अच्छा मुनाफा होने की संभावना है।
- करियर और सम्मान: कार्यक्षेत्र में कड़ी मेहनत सफल होगी। बृहस्पति के प्रभाव से पदोन्नति, पहचान और अच्छे पुरस्कार मिल सकते हैं। सामाजिक स्थिति तेजी से बढ़ेगी।
- स्वास्थ्य और संबंध: पिछली बीमारियों और विवादों से मुक्ति मिल सकती है। पत्नी के साथ अच्छे संबंध स्थापित होंगे।
३. मीन राशि (PISCES)
- ग्रहों की स्थिति: शुक्र आठवें भाव में और बृहस्पति पाँचवें भाव में स्थित होंगे।
- शुभ फल:
- संपत्ति और शिक्षा: पैतृक संपत्ति और विरासत से महत्वपूर्ण लाभ मिलने की संभावना है। शिक्षा के क्षेत्र में भी लाभ मिलेगा।
- भाग्य और करियर: भाग्य उनके पक्ष में रहेगा और नौकरीपेशा लोगों के जीवन की लंबे समय से चली आ रही समस्याएँ समाप्त हो सकती हैं।
- आय और संबंध: आय के नए स्रोत खुल सकते हैं और बचत करने में सफल होंगे। लक्ष्य प्राप्त करने में दोस्तों का पूरा समर्थन मिलेगा। पत्नी के साथ अच्छा तालमेल रहेगा। संगीत और कला से जुड़े लोगों को भी लाभ होगा।