डायबिटीज या ब्लड प्रेशर कौन है किडनी का सबसे बड़ा दुश्मन जानिए सच

किडनी शरीर से ज़हरीले पदार्थों को छानकर खून को शुद्ध करने वाला एक बेहद ज़रूरी अंग है, लेकिन डायबिटीज (मधुमेह) और हाई ब्लड प्रेशर (उच्च रक्तचाप) इसे चुपचाप गंभीर नुकसान पहुंचाते हैं। विशेषज्ञों के मुताबिक, हालांकि दोनों ही रोग ‘क्रॉनिक किडनी डिजीज’ का कारण बनते हैं, लेकिन किडनी फेलियर या ‘एंड-स्टेज रीनल डिजीज’ का विश्वभर में सबसे बड़ा कारण अनियंत्रित डायबिटीज है। लंबे समय तक रक्त में शर्करा का उच्च स्तर किडनी की लाखों महीन रक्त वाहिकाओं (ग्लोमेरुलस) को क्षतिग्रस्त कर देता है, जो छन्नी का काम करती हैं।
यह अत्यधिक शर्करा इन छन्नियों की दीवारों को सूजाकर मोटा कर देती है, जिससे उनकी कार्यक्षमता कम हो जाती है। यह स्थिति अंततः ‘डायबिटिक नेफ्रोपैथी’ में बदल जाती है। वहीं, हाई ब्लड प्रेशर भी किडनी की रक्त वाहिकाओं पर अत्यधिक दबाव डालकर उन्हें कमज़ोर करता है, जिससे किडनी में रक्त की आपूर्ति घट जाती है। चिंता की बात यह है कि अक्सर डायबिटीज के मरीज़ों में हाई ब्लड प्रेशर भी होता है, और इन दोनों का मेल किडनी के नुकसान की प्रक्रिया को कई गुना बढ़ा देता है, जिससे अंग का विनाश तेज़ी से होता है।