बच्चे का सुस्त रहना बीमारी का लक्षण नहीं! नजरअंदाज न करें ये 4 संकेत, जानें क्या कहते हैं विशेषज्ञ

यदि आपका बच्चा बिना किसी स्पष्ट बीमारी के हमेशा सुस्त रहता है और खेलकूद या नए कामों में दिलचस्पी नहीं दिखाता है, तो यह माता-पिता के लिए चिंता का विषय हो सकता है। पोषण विशेषज्ञों के अनुसार, बच्चों के इस व्यवहार का मुख्य कारण उनके आहार में महत्वपूर्ण विटामिन और खनिजों की कमी है। खासकर आयरन की कमी से एनीमिया हो सकता है, जिससे शरीर में ऑक्सीजन की आपूर्ति कम हो जाती है और थकान बढ़ती है। इसके अलावा, विटामिन डी और प्रोटीन की कमी भी बच्चे को कमजोर और निरुत्साहित बना सकती है। अपर्याप्त या अनियमित नींद भी बच्चे में इस तरह की थकान का कारण बनती है।
आपके बच्चे की खाने की आदतों और दैनिक दिनचर्या पर तुरंत ध्यान देने की आवश्यकता है। हमेशा नींद आना या सुस्त रहना, खेलते समय जल्दी थक जाना, खाने में अरुचि और सामान्य से कम वजन होना—ये शुरुआती चेतावनी के संकेत हैं जिन पर आपको ध्यान देना चाहिए। इस पोषण संबंधी कमी से बचने के लिए विशेषज्ञ की सलाह लेना महत्वपूर्ण है, क्योंकि समय पर कार्रवाई न करने पर यह बच्चे के समग्र विकास और स्वास्थ्य को गंभीर रूप से प्रभावित कर सकता है। बच्चों के लिए संतुलित और पोषक तत्वों से भरपूर आहार सुनिश्चित करना हर माता-पिता का कर्तव्य है।