नाखूनों पर सफेद धब्बे, सिर्फ कैल्शियम की कमी नहीं! ये 5 गंभीर बीमारियों का हो सकता है संकेत
अधिकांश लोगों के हाथ या पैर के नाखूनों पर सफेद धब्बे (White Spots on Nails) दिखाई देते हैं। कई बार ये धब्बे अपने आप ठीक हो जाते हैं। हालांकि, यदि सभी नाखूनों पर एक जैसे सफेद निशान दिखाई दें, तो यह खतरनाक हो सकता है और विभिन्न बीमारियों का संकेत दे सकता है।
बहुत से लोग मानते हैं कि नाखूनों पर सफेद धब्बे केवल शरीर में कैल्शियम की कमी के कारण होते हैं, लेकिन यह धारणा पूरी तरह से सही नहीं है। नाखूनों पर सफेद निशान पड़ने के और भी कई कारण हैं, जो आपके शरीर के अंदर की बीमारी का संकेत दे सकते हैं। आइए जानते हैं नाखूनों पर सफेद धब्बे दिखने के कुछ महत्वपूर्ण कारण:
नाखूनों पर सफेद धब्बे (ल्यूकोनीशिया) के 5 मुख्य कारण:
- नाखून पर चोट (Trauma): नाखून पर हल्की चोट लगने के कारण भी सफेद निशान दिखाई दे सकते हैं। हालांकि, ये निशान चोट लगने के काफी दिनों बाद नाखून पर स्पष्ट होते हैं। इसलिए, कई लोग यह नहीं समझ पाते कि सफेद धब्बे का कारण क्या है।
- नाखून का संक्रमण (Infection): नाखून में किसी भी प्रकार का संक्रमण या फंगल इंफेक्शन होने पर भी सफेद धब्बे पड़ सकते हैं। आमतौर पर फंगस के कारण ऐसा अधिक होता है। इसलिए, नाखूनों को साफ-सुथरा रखना बहुत जरूरी है।
- विटामिन की कमी: शरीर में महत्वपूर्ण विटामिन और खनिजों की कमी होने पर भी नाखूनों पर सफेद निशान दिखाई दे सकते हैं। विशेष रूप से कैल्शियम और जिंक की कमी से कई महिलाओं के नाखूनों पर इस तरह के धब्बे देखे जाते हैं।
- एलर्जी प्रतिक्रिया: विभिन्न प्रकार की एलर्जी प्रतिक्रियाओं के कारण भी नाखूनों पर सफेद धब्बे हो सकते हैं। नेलपॉलिश या नेलपॉलिश रिमूवर जैसे कॉस्मेटिक उत्पादों से भी यह एलर्जी हो सकती है, जिसका पता कई महिलाओं को शुरुआत में नहीं चलता।
- एनीमिया और किडनी की समस्या: एनीमिया (शरीर में रक्त की कमी) से पीड़ित होने पर नाखूनों पर सफेद निशान दिखाई दे सकते हैं। एनीमिया के कारण शरीर पीला पड़ जाता है, और इसका असर नाखूनों पर भी दिखता है। इसके अलावा, किडनी की गंभीर समस्याओं के कारण भी नाखूनों में इस तरह के परिवर्तन देखे जा सकते हैं।
यदि आप अपने नाखूनों पर सफेद धब्बे देखते हैं और वे लंबे समय तक बने रहते हैं, तो इसे सामान्य समस्या समझकर नज़रअंदाज़ न करें। नाखूनों में परिवर्तन शरीर के अंदर की विभिन्न बीमारियों के लक्षण बता सकते हैं। इसलिए, तुरंत किसी डॉक्टर से सलाह लेना बुद्धिमानी है। समय पर बीमारी का पता लगने और इलाज शुरू होने से बड़े स्वास्थ्य जोखिमों से बचा जा सकता है।