सर्दियों में त्वचा रूखी क्यों हो जाती है? साइंस ने बताए 5 बड़े कारण

तापमान में गिरावट के साथ ही त्वचा अपनी नमी खोने लगती है, जिसका मुख्य कारण हवा में आर्द्रता का कम होना है। अमेरिकन एकेडमी ऑफ डर्मेटोलॉजी के अनुसार, सर्दियाँ शुरू होते ही हवा की नमी ३०-५०% तक कम हो जाती है। नमी कम होने से त्वचा की ऊपरी परत, जिसे स्ट्रेटम कॉर्नियम कहते हैं, तेजी से पानी खोने लगती है और त्वचा में माइक्रो-क्रैक्स बन जाते हैं। इस दौरान, ट्रांस-एपिडर्मल वॉटर लॉस (TEWL) भी बढ़ जाता है, क्योंकि त्वचा का बैरियर प्रोटीन फिलैग्रिन कमजोर हो जाता है, जिससे त्वचा से पानी बाहर निकलने की गति तेज हो जाती है।
ठंड के मौसम में त्वचा का प्राकृतिक तेल (सीबम) का उत्पादन भी मंद हो जाता है, क्योंकि तेल ग्रंथियां निष्क्रिय हो जाती हैं। शोध बताते हैं कि सीबम का स्तर नवंबर से जनवरी के बीच औसतन २०-৩০% तक कम हो जाता है। सीबम की कमी से त्वचा का सुरक्षा कवच पतला हो जाता है और नमी तेजी से उड़ जाती है। इसके अलावा, ठंडी और तेज हवाएं त्वचा की सतह पर मौजूद प्राकृतिक तेलों को हटा देती हैं, जिससे होंठ फटने और रूखापन जैसी समस्याएं बढ़ जाती हैं। ये वैज्ञानिक कारण ही सर्दियों में त्वचा को खुरदुरा और संवेदनशील बना देते हैं।