पेट कम करे, बाल उगाए, गठिया मिटाए यह रहस्यमयी पौधा! आक का सही इस्तेमाल जानना बेहद जरूरी

आयुर्वेद में ‘उपविष’ के रूप में गिने जाने वाले आक (मदार) के पौधे में औषधीय गुणों का भंडार है, बशर्ते इसका उपयोग सही मात्रा और विधि से किया जाए। वैज्ञानिक विश्लेषण में इसकी जड़ और पत्तियों में एमाईरिन, गिग्नटिओल, और क्यलोटोक्सिन जैसे सक्रिय यौगिक पाए गए हैं, जो इसे चिकित्सीय महत्व प्रदान करते हैं। विशेषज्ञ चिकित्सकों की देखरेख में इसका प्रयोग शुगर नियंत्रण, पेट की चर्बी घटाने, और घाव भरने में लाभकारी सिद्ध हो सकता है।
आक की पत्तियों और जड़ का विशेष उपयोग गठिया, बवासीर, खाँसी और त्वचा रोगों के उपचार में किया जाता है, यहाँ तक कि गंजेपन में नए बाल उगाने की क्षमता भी इसमें है। हालांकि, इसका दूध और जड़ विषैला माना जाता है, इसलिए इसके किसी भी आंतरिक या बाहरी प्रयोग के लिए हमेशा योग्य आयुर्वेदिक चिकित्सक से सलाह लेना और उनकी कड़ी निगरानी में ही उपयोग करना अनिवार्य है।