फेफड़ों का ज़हर निकालें! प्रदूषण और धूम्रपान से बचाने के लिए डाइट में शामिल करें ये 5 जड़ी-बूटियां

वायु प्रदूषण और धूम्रपान के हानिकारक प्रभावों से फेफड़ों को बचाने के लिए कुछ विशेष जड़ी-बूटियाँ अत्यधिक प्रभावी हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, फेफड़ों की कार्यक्षमता बढ़ाने के लिए हल्दी, तुलसी, कलौंजी, ओरिगैनो और आंवला जैसे प्राकृतिक तत्वों को डाइट में शामिल करना महत्वपूर्ण है। इन जड़ी-बूटियों में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट्स और एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण श्वसन तंत्र की सूजन को कम करने और दूषित पदार्थों को दूर करने में मदद करते हैं।
विशेषज्ञों का सुझाव है कि दैनिक भोजन में हल्दी और थोड़ी मात्रा में तुलसी के पत्तों का रस या पत्तों को चबाने से फेफड़े स्वस्थ रहते हैं। आंवला में मौजूद विटामिन सी श्वसन नली के कीटाणुओं को नष्ट करता है और कलौंजी श्वास नली की सूजन को दूर करने में सहायक है। इन जड़ी-बूटियों के नियमित सेवन के साथ ही, संक्रमण से बचने के लिए मास्क पहनना और फेफड़ों के व्यायाम जारी रखना आवश्यक है।