दूध और केले का सेवन एक साथ क्यों नहीं करना चाहिए? आयुर्वेद और पोषण विशेषज्ञों की चेतावनी
November 22, 2025
दूध (कैल्शियम का भंडार) और केला (आयरन का बेहतरीन स्रोत)—दोनों ही बेहद पौष्टिक आहार हैं। बहुत से लोग इन्हें मिलाकर खाना पसंद करते हैं, जैसे कि दलिया या बनाना मिल्क शेक बनाकर। हालांकि, पोषण विशेषज्ञ और आयुर्वेदिक डॉक्टर इस संयोजन के स्वास्थ्य पहलुओं पर अलग राय रखते हैं और चेतावनी देते हैं।
आयुर्वेद और पोषण विशेषज्ञों की सलाह:
- अलग पाचन प्रक्रिया: आयुर्वेद के अनुसार, केला और दूध एक साथ खाने से ये आसानी से नहीं पचते, क्योंकि दोनों खाद्य पदार्थों की पाचन गति अलग-अलग होती है। दूध को पचने में अधिक समय लगता है, जबकि केला जल्दी पच जाता है। इस भिन्नता के कारण पेट में गैस, अपच, पेट फूलना (bloating) और अन्य पाचन संबंधी समस्याएं हो सकती हैं।
- कफ वृद्धि: विशेषज्ञों का कहना है कि दूध और केला दोनों ही शीतल प्रकृति के होते हैं। इन्हें एक साथ लेने से शरीर में ‘कफ’ का प्रभाव बढ़ जाता है। खासकर जिन लोगों को पहले से ही सर्दी, खांसी या साइनस की समस्या है, उनमें यह मिश्रण बलगम (mucus) और श्वसन संबंधी समस्याएं बढ़ा सकता है।
किन्हें यह मिश्रण खाने से बचना चाहिए?
- साँस की समस्या वाले मरीज़: जिन लोगों को अस्थमा या साँस लेने में तकलीफ होती है, उन्हें इस मिश्रण से दूर रहना चाहिए। यह वायुमार्ग में कफ जमा कर समस्या को और बढ़ा सकता है।
- गर्भवती महिलाएँ: गर्भवती महिलाओं को भी दूध और केला एक साथ न खाने की सलाह दी जाती है। माना जाता है कि यह संयोजन शरीर में टॉक्सिन (विषाक्त पदार्थ) पैदा कर सकता है, जो माँ और शिशु दोनों के लिए हानिकारक हो सकता है। (हालांकि, वे इन्हें कुछ देर के अंतराल पर अलग-अलग खा सकती हैं।)
दूध और केला खाने का सही तरीका क्या है?
पोषण विशेषज्ञों के अनुसार, दूध और केले के पूरे पोषक तत्व प्राप्त करने और पाचन समस्याओं से बचने के लिए, इन्हें एक साथ खाने के बजाय अंतर देकर खाना चाहिए।
- सही अंतराल: दोनों खाद्य पदार्थों के बीच कम से कम 20-25 मिनट का अंतराल रखें।
- विधि: आप या तो दूध पीने के एक घंटे बाद केला खाएं, या फिर केला खाने के कम से कम आधे घंटे बाद दूध पी सकते हैं।
इन्हें अलग-अलग खाने से आप इनके पूर्ण लाभ उठा पाएंगे और किसी भी स्वास्थ्य जोखिम से बचेंगे।