इन ७ तरह के लोगों से कभी न करें बहस, कारण जानेंगे तो दंग रह जाएंगे

बहस-विवाद मानव जीवन का एक हिस्सा है, लेकिन अनावश्यक झगड़े अक्सर रिश्तों को खराब करते हैं और मानसिक शांति भंग करते हैं। विद्वान लोग हमेशा बहस से बचने की सलाह देते हैं क्योंकि यह द्वेष, अहंकार और कभी-कभी हिंसा को जन्म दे सकता है। विशेष रूप से, शिक्षक, माँ, संतान, अतिथि और पत्नी सहित कुल सात प्रकार के लोगों के साथ अनावश्यक रूप से बहस करने से बचना बुद्धिमानी है। इन रिश्तों में बहस न केवल सीखने के माहौल को खराब करती है, अस्तित्व पर सवाल उठाती है या गलत पालन-पोषण का संकेत देती है, बल्कि पारिवारिक जीवन में भी गंभीर अशांति लाती है।
पेशेवर और निजी जीवन में बहस से बचना एक महत्वपूर्ण सामाजिक शिष्टाचार है। जिस प्रकार अतिथि को देवता मानकर उसका सम्मान करना चाहिए, उसी प्रकार पत्नी से बहस करके जीवन को दुखद बनाने के बजाय आपसी समझ और सम्मान से वैवाहिक संबंध को मजबूत करना बेहतर है। याद रखें, अनावश्यक विवाद से बचकर सही समय पर सही बात कहना न केवल रिश्ते बचाता है, बल्कि मानसिक स्थिरता बनाए रखने में भी मदद करता है।