गेहूं की रोटी खाना आज ही बंद करें! 5 बड़ी बीमारियां घेर सकती हैं

उत्तर भारत के ज्यादातर घरों में रोजाना गेहूं की रोटी खाई जाती है, लेकिन इसका नियमित और अत्यधिक सेवन सेहत के लिए हानिकारक हो सकता है। गेहूं के आटे में मौजूद पोषक तत्वों के बावजूद, रोजाना रोटी खाना पाचन तंत्र के लिए चुनौती बन सकता है। विशेषज्ञों के अनुसार, गेहूं में पाया जाने वाला ग्लूटेन (Gluten) इसे पचाना मुश्किल कर देता है और गैस, कब्ज जैसी समस्याएं पैदा कर सकता है।
इसके अलावा, गेहूं की रोटी में कार्बोहाइड्रेट्स की अधिकता शरीर में कैलोरी इंटेक बढ़ाकर मोटापे की समस्या को जन्म देती है। लगातार गेहूं का सेवन ब्लड शुगर लेवल को बढ़ा सकता है, जिससे डायबिटीज का खतरा भी बढ़ जाता है। इसलिए, इन स्वास्थ्य समस्याओं से बचने के लिए गेहूं के बजाय रागी, बाजरा, जौ या मक्का जैसे मिलेट्स (Millets) के आटे से बनी रोटी को अपने आहार में অন্তর্ভুক্ত করার सलाह दी जाती है।