दुबले होने की ‘फैशन’ और शरीर को अंदर से खोखला! डॉक्टर बोले- ये 4 चीजें रोकेगी ‘मांसपेशियों का गलना’
तेजी से वजन घटाने की होड़ में लोग बिना डॉक्टर की सलाह के खा रहे हैं ‘वेट लॉस दवाएं’। विशेषज्ञ दे रहे हैं चेतावनी- मांसपेशियों का गलना है सबसे बड़ा खतरा!
आजकल वजन कम करना (Weight Loss) एक बड़ा चैलेंज बन चुका है। जल्दी नतीजे पाने के लिए कई लोग सोशल मीडिया या दोस्तों को देखकर बिना डॉक्टर की सलाह के ‘वेट लॉस मेडिसिन’ या ‘वजन घटाने वाली दवा’ (Weight Loss Medicine) की ओर भाग रहे हैं। विशेषज्ञ बार-बार आगाह कर रहे हैं कि यह ‘शॉर्टकट’ आपको तुरंत पतला दिखा सकता है, लेकिन शरीर को अंदर से बेहद कमजोर कर देता है।
वेट लॉस दवाएं कैसे करती हैं काम और खतरा कहां है?
बाजार में लोकप्रिय कुछ वेट लॉस दवाएं (जैसे GLP-1 आधारित इंजेक्शन या पिल) भूख को नियंत्रित करने वाले हॉर्मोन को सक्रिय करती हैं और पाचन प्रक्रिया को धीमा कर देती हैं। इससे जल्दी पेट भर जाता है और कम खाने पर भी संतुष्टि मिलती है, नतीजतन तेजी से वजन घटता है।
हालांकि, ये दवाएं आमतौर पर गंभीर समस्याओं जैसे डायबिटीज या मोटापे से जूझ रहे मरीजों को ही डॉक्टर की सलाह पर दी जाती हैं। लेकिन जब कोई स्वस्थ या ओवरवेट व्यक्ति केवल ‘जल्दी पतला होने के फैशन’ में इनका इस्तेमाल शुरू करता है, तो खतरा बढ़ जाता है।
सबसे बड़ा खतरा: मांसपेशियों का गलना (Muscle Wasting)
दिल्ली के श्री बालाजी एक्शन मेडिकल इंस्टीट्यूट के डायरेक्टर डॉ. अरविंद अग्रवाल के अनुसार, इन दवाओं के इस्तेमाल का सबसे बड़ा और चिंताजनक कारण मांसपेशियों या मसल्स का गलना है। जब वजन तेजी से कम होता है, तो सिर्फ फैट ही नहीं, बल्कि शरीर की महत्वपूर्ण मांसपेशियां भी टूटने लगती हैं।
मांसपेशियों के गलने के खतरनाक नतीजे:
- शारीरिक बनावट में बदलाव: मांसपेशियां कम होने से शरीर ढीला और लटका हुआ (Saggy) दिखने लगता है। हिप्स और जांघों की मांसपेशियां कम होने की वजह से इसे ‘ओज़ेम्पिक बट’ (Ozempic Butt) कहा जा रहा है।
- कमजोरी और असंतुलन: मांसपेशियों की ताकत कम होने से थकान महसूस होती है और शरीर का संतुलन (Body Balance) बिगड़ जाता है।
- रोग प्रतिरोधक क्षमता में कमी: लंबे समय तक इन दवाओं के इस्तेमाल से इम्यूनिटी कमजोर होती है।
- शारीरिक क्षमता में गिरावट: व्यायाम करने की क्षमता कम होती है और बुजुर्गों में अचानक गिर जाने का खतरा बढ़ता है।
इसके अलावा, मतली, उल्टी, कब्ज, पाचन संबंधी समस्या, चक्कर आना और अत्यधिक कमजोरी जैसे सामान्य साइड इफेक्ट भी देखे जाते हैं।
विशेषज्ञों की आपातकालीन सलाह: शॉर्टकट नहीं, ये 4 बातें गांठ बांध लें
जी.टी.बी. अस्पताल के मेडिसिन विभाग के डॉ. अजीत कुमार ने साफ कहा है कि ऑनलाइन या बिना डॉक्टर की सलाह के इन दवाओं को लेना स्वास्थ्य के लिए एक बड़ा जोखिम है। स्वस्थ रहने और टिकाऊ तरीके से वजन घटाने के लिए इन 4 बातों का पालन करना जरूरी है:
- डॉक्टर की सलाह अनिवार्य: बिना डॉक्टर के प्रिस्क्रिप्शन के कोई भी वेट लॉस दवा न लें।
- प्रोटीन युक्त आहार: अपने दैनिक भोजन में पर्याप्त मात्रा में प्रोटीन शामिल करें, यह मांसपेशियों को बनाए रखने में मदद करता है।
- स्ट्रेंथ ट्रेनिंग: सप्ताह में कम से कम 3 से 4 बार वजन या रेसिस्टेंस के साथ कसरत करें।
- शॉर्टकट से बचें: दवाओं को कभी भी फैशन या वेट लॉस के ‘शॉर्टकट’ के तौर पर न देखें। सही खान-पान और जीवनशैली पर ही भरोसा रखें।
याद रखें, अंदरूनी सेहत को खतरे में डालकर तुरंत पतला होना ठीक नहीं। स्वस्थ तरीके से वजन कम करना ही असली लक्ष्य होना चाहिए।