गर्भावस्था में मानसिक तनाव बन सकता है आपके बच्चे के लिए खतरनाक

गर्भावस्था के दौरान महिला की मानसिक स्थिति का सीधा असर होने वाले बच्चे के दिमागी विकास पर पड़ता है। मेडिकल जर्नल ‘द लैंसेट’ की हालिया रिसर्च के अनुसार, यदि प्रेगनेंसी में मां डिप्रेशन या तनाव का शिकार होती है, तो बच्चे में एडीएचडी और ऑटिज्म जैसी बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। मानसिक तनाव के कारण शरीर में कॉर्टिसोल हार्मोन का स्तर बढ़ जाता है, जो बच्चे की सीखने की क्षमता और एकाग्रता को प्रभावित करता है।
डॉक्टरों के अनुसार पारिवारिक कलह, नींद की कमी और मानसिक सहयोग न मिलना डिप्रेशन के मुख्य कारण हैं। इससे बचने के लिए गर्भवती महिलाओं को पर्याप्त नींद लेनी चाहिए और रोजाना हल्का व्यायाम करना चाहिए। अगर घबराहट या लगातार उदासी जैसे लक्षण दिखें, तो विशेषज्ञ से सलाह लेने में देरी न करें। स्वस्थ शिशु के विकास के लिए माँ का खुश रहना और तनावमुक्त वातावरण में रहना बेहद अनिवार्य है।