डायबिटीज मरीजों के लिए ब्लड शुगर से भी ज्यादा अहम है यह खास टेस्ट
February 1, 2026

शुगर लेवल की जांच से अक्सर बीमारी की पूरी स्थिति स्पष्ट नहीं हो पाती है। लेडी हार्डिंग अस्पताल के डॉक्टर एलएच घोटेकर के अनुसार, हर डायबिटीज मरीज को ‘सी-पेप्टाइड’ टेस्ट जरूर कराना चाहिए। जब पैंक्रियास इंसुलिन बनाता है, तो साथ में यह प्रोटीन भी निकलता है। इस टेस्ट के जरिए डॉक्टर यह जान पाते हैं कि शरीर में वास्तव में कितना इंसुलिन बन रहा है और समस्या की जड़ क्या है।
इस टेस्ट का सबसे बड़ा फायदा टाइप-1 और टाइप-2 डायबिटीज के बीच अंतर स्पष्ट करना है। यदि सी-पेप्टाइड का स्तर बहुत कम है, तो यह टाइप-1 का संकेत है, जबकि अधिक स्तर टाइप-2 की ओर इशारा करता है। जिन मरीजों की शुगर दवाओं से नियंत्रित नहीं हो रही या जिन्हें बार-बार लो शुगर की समस्या होती है, उनके लिए सही उपचार और इंसुलिन की जरूरत तय करने में यह जांच रामबाण साबित होती है।