दवा के पत्तों पर बनी इन रंगीन धारियों के पीछे का सच जरूर जान लें
February 3, 2026

एक झलक न्यूज़ डेस्क : दवा के पत्तों पर लाल, नीली, हरी और काली लाइनें किसी विशेष उद्देश्य से बनाई जाती हैं। लाल लाइन का मतलब है कि दवा केवल डॉक्टर के पर्चे पर ही दी जा सकती है, जो अक्सर एंटीबायोटिक या मानसिक रोगों की दवाओं पर होती है। वहीं, ‘शेड्यूल G’ दवाओं पर नीली लाइन होती है, जिन्हें केवल मेडिकल सुपरविजन या डॉक्टर की निगरानी में ही लेना अनिवार्य होता है।
इसके विपरीत, हरी लाइन वाली दवाएं ओटीसी कैटेगरी में आती हैं, जो सामान्य उपयोग के लिए सुरक्षित मानी जाती हैं। काली लाइन वाली दवाएं सबसे अधिक जोखिम भरी होती हैं, जिनके गंभीर दुष्प्रभाव हो सकते हैं। इन रंगीन संकेतों का मुख्य उद्देश्य आम जनता को दवाओं के सही और सुरक्षित उपयोग के प्रति जागरूक करना है। दवा खरीदने से पहले इन पट्टियों पर ध्यान देना स्वास्थ्य सुरक्षा के लिए बेहद महत्वपूर्ण है।