महादेव एप ने बदली अपनी स्पेलिंग और फिर शुरू हुआ सट्टेबाजी का काला साम्राज्य

महादेव एप ने बदली अपनी स्पेलिंग और फिर शुरू हुआ सट्टेबाजी का काला साम्राज्य

जांच एजेंसियों की सख्ती और प्रतिबंधों के बावजूद महादेव ऑनलाइन सट्टेबाजी सिंडिकेट एक बार फिर नए अवतार में लौट आया है। खुद को सुरक्षित रखने के लिए संचालकों ने इस बार एक बेहद चालाकी भरा कदम उठाते हुए एप के नाम की स्पेलिंग में मामूली बदलाव किया है। अब यह एप ‘Mahadev’ के बजाय ‘Mahaadev’ (डबल ए के साथ) नाम से संचालित हो रहा है।

चुनावी माहौल और खेल के मैदान पर सट्टेबाजों की नजर

इस नए सिंडिकेट ने अपनी गतिविधियों को बढ़ाने के लिए मौजूदा समय के दो सबसे बड़े आयोजनों को चुना है।

  • आईपीएल पर दांव: क्रिकेट मैचों के परिणामों के अलावा अब प्रति ओवर बनने वाले रन और विकेट गिरने जैसे सूक्ष्म स्तरों पर भी सट्टा लगाया जा रहा है।
  • चुनावी सट्टेबाजी: बंगाल, तमिलनाडु, केरल, असम और पुडुचेरी जैसे राज्यों के विधानसभा चुनावों को लेकर भी यह गिरोह सक्रिय है। राजनीतिक दलों की जीत-हार और सीटों के अनुमान पर बड़े पैमाने पर दांव लगवाए जा रहे हैं।

दुबई से जुड़ा है ठगी का कनेक्शन

सूत्रों के अनुसार, इस पूरे नेटवर्क के मास्टरमाइंड सौरभ चंद्राकर और रवि उप्पल हैं, जो मूल रूप से छत्तीसगढ़ के भिलाई के निवासी हैं। करीब 6,000 करोड़ रुपये के मनी लॉन्ड्रिंग मामले में नाम आने के बाद से ये दोनों फरार हैं। इनपुट मिले हैं कि वे वर्तमान में दुबई में बैठकर इस अवैध कारोबार को रिमोट तरीके से नियंत्रित कर रहे हैं।

सुरक्षा एजेंसियों की कार्रवाई और बरामदगी

रायपुर की एंटी क्राइम एंड साइबर यूनिट साल 2026 में अब तक इस सिंडिकेट के खिलाफ बड़ी सफलता हासिल कर चुकी है। पुलिस ने हालिया कार्रवाई में निम्नलिखित बरामदगी की है:

  • ऑनलाइन सट्टे के तीन अलग-अलग मामलों में 14 आरोपियों की गिरफ्तारी।
  • कुल 1.04 करोड़ रुपये की नकद राशि जब्त।
  • लैपटॉप, मोबाइल, वाहन और बैंकिंग दस्तावेजों सहित कुल 1.92 करोड़ रुपये की संपत्ति की कुर्की।
  • हाल ही में रायपुर में एक जुए के अड्डे पर छापा मारकर मर्सिडीज कार और आईफोन भी बरामद किए गए हैं।

डिजिटल युग में बदलता ठगी का स्वरूप

साल 2025 में ऑनलाइन मनी गेमिंग पर लगे कड़े प्रतिबंधों के बावजूद यह एप अपनी जड़ें जमाए हुए है। सट्टे की रकम 100 रुपये से लेकर 10,000 रुपये तक रखी गई है, ताकि छोटे से लेकर बड़े निवेशकों तक को जाल में फंसाया जा सके। यह सिंडिकेट न केवल आर्थिक अपराध को बढ़ावा दे रहा है, बल्कि कानूनी खामियों का फायदा उठाकर तकनीकी बदलावों के जरिए सिस्टम को चुनौती दे रहा है।

एक झलक

  • नया नाम: ‘Mahadev’ अब ‘Mahaadev’ के नाम से सक्रिय।
  • प्रमुख आरोपी: सौरभ चंद्राकर और रवि उप्पल (दुबई से संचालित)।
  • मुख्य केंद्र: आईपीएल मैच और विधानसभा चुनाव।
  • बरामदगी: अब तक 14 गिरफ्तार और करोड़ों की संपत्ति जब्त।
  • दांव की राशि: 100 रुपये से 10,000 रुपये के बीच।

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