मुफ्त भोजन, 10 लाख का मुआवज़ा और 30,000 घर, स्टालिन सरकार की कल्याणकारी योजना

तमिलनाडु सरकार ने सफाई कर्मचारियों के जीवन स्तर और सामाजिक सुरक्षा में सुधार के लिए कई कल्याणकारी योजनाओं को मंजूरी दी है। सरकारी अधिसूचना के अनुसार, मुख्यमंत्री एम. के. स्टालिन की सरकार अब राज्य के सफाई कर्मचारियों को प्रतिदिन मुफ्त नाश्ता, दोपहर का भोजन और रात का खाना प्रदान करेगी।
मुफ्त भोजन योजना और विस्तार
सफाई कर्मचारियों को मुफ्त भोजन देने की इस योजना के लिए तमिलनाडु सरकार ने धन आवंटित किया है। शुरू में, यह परियोजना केवल ग्रेटर चेन्नई कॉर्पोरेशन के तहत ही लागू होगी, लेकिन धीरे-धीरे इसका विस्तार राज्य के अन्य क्षेत्रों में भी किया जाएगा। यह पहल नगर प्रशासन और जल आपूर्ति विभाग के अधिकारियों की देखरेख में होगी। इस कल्याणकारी योजना की घोषणा मुख्यमंत्री स्टालिन की अध्यक्षता में अगस्त के मध्य में हुई कैबिनेट बैठक में की गई थी।
अन्य महत्वपूर्ण कदम:
मुफ्त भोजन के अलावा, सरकार ने सफाई कर्मचारियों के जीवन स्तर को बेहतर बनाने के लिए कई अन्य महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं:
१. वित्तीय सुरक्षा और मुआवजा: काम के दौरान सफाई कर्मचारी की मृत्यु होने पर, उनके परिवार को सामाजिक सुरक्षा और वित्तीय सहायता सुनिश्चित करने के लिए 10 लाख रुपये का मुआवजा दिया जाएगा। २. आत्मनिर्भरता के लिए सब्सिडी: आत्मनिर्भर बनने के इच्छुक सफाई कर्मचारियों को साढ़े तीन लाख रुपये तक की सब्सिडी मिलेगी। इसके लिए कुल 10 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। ३. आवास योजना: सरकार ने सफाई कर्मचारियों के लिए 30,000 घर बनाने की योजना बनाई है। ग्रामीण क्षेत्रों में ‘कलाईगनर कनवु इलम’ आवास योजना के तहत सफाई कर्मचारियों को प्राथमिकता दी जाएगी। ४. स्वास्थ्य और बीमा: अपशिष्ट पदार्थों के लगातार संपर्क में आने के कारण सफाई कर्मचारियों को होने वाली त्वचा संबंधी समस्याओं से निपटने के लिए एक विशेष कार्यक्रम शुरू किया जाएगा। इसके अलावा, तमिलनाडु सरकार सफाई कर्मचारियों के लिए 5 लाख रुपये की मुफ्त बीमा योजना भी शुरू कर रही है। ५. शिक्षा: सफाई कर्मचारियों के बच्चों को उच्च शिक्षा के लिए छात्रवृत्ति (स्कॉलरशिप) प्रदान की जाएगी।
माना जा रहा है कि ये समग्र कल्याणकारी कदम सफाई कर्मचारियों की सामाजिक और आर्थिक स्थिति में सकारात्मक बदलाव लाने में सहायक होंगे।