डीजल-चार्जिंग की जरूरत नहीं, टाटा मोटर्स और इंडियन ऑयल के सहयोग से आई प्रदूषण मुक्त हाइड्रोजन फ्यूल सेल इलेक्ट्रिक बस
भारत स्वच्छ और हरित सार्वजनिक परिवहन की दिशा में एक बड़ा कदम उठा रहा है। टाटा मोटर्स और इंडियन ऑयल (IOCL) के संयुक्त प्रयास से अब एक नए तरह की बस बाजार में आने वाली है, जो डीजल या बिजली चार्ज किए बिना चलेगी। ये बसें शून्य प्रदूषणकारी होंगी, और धुएं या हानिकारक गैसों के बजाय केवल पानी की भाप छोड़ेगी, जिसका मतलब है कि ये बसें पूरी तरह से ध्वनि रहित और प्रदूषण मुक्त होंगी।
🔬 यह आधुनिक बस कैसे काम करती है?
इंस्टाग्राम पर इस बस का एक वीडियो साझा करते हुए, एक कंटेंट क्रिएटर ने इसकी कार्यप्रणाली समझाई है:
- ऊर्जा का स्रोत: यह बस न तो डीजल पर चलती है और न ही इसे ईवी की तरह चार्ज करने की आवश्यकता है। इसकी मुख्य ऊर्जा हाइड्रोजन गैस है।
- प्रौद्योगिकी: हाइड्रोजन को सिलेंडरों में भरा और संग्रहीत किया जाता है। यह हाइड्रोजन पाइपों के माध्यम से बस के पीछे लगे फ्यूल सेल में आती है।
- बिजली उत्पादन: फ्यूल सेल हाइड्रोजन का उपयोग करके सीधे बिजली उत्पन्न करता है।
- संचालन: फ्यूल सेल से उत्पन्न बिजली नीचे की मोटर को शक्ति देती है, जिससे बस चलती है।
इस बस का नाम ‘TATA Motors’ हाइड्रोजन फ्यूल सेल इलेक्ट्रिक बस-12 मीटर है।
✅ पर्यावरण के लिए सर्वोत्तम समाधान
इस बस का सबसे अच्छा हिस्सा इसका उप-उत्पाद (by-product) है। बस चलते समय हानिकारक धुएं के बजाय केवल जल वाष्प उत्सर्जित करती है। इसका मतलब है— इसमें कोई शोर नहीं है, और कोई प्रदूषण नहीं है।
जून 2021 में, टाटा मोटर्स को इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन (IOCL) से 15 हाइड्रोजन संचालित बसें बनाने का प्रोजेक्ट मिला था। इस बस में लगभग 35 यात्री बैठ सकते हैं। हालांकि, ये बसें कब व्यावसायिक रूप से बाजार में उपलब्ध होंगी, यह देखना बाकी है।