दर्जी क्यों रखते थे सुई टोपी में और कैंची पैरों के नीचे बेटे को मिला सफलता का बड़ा मंत्र

दर्जी क्यों रखते थे सुई टोपी में और कैंची पैरों के नीचे बेटे को मिला सफलता का बड़ा मंत्र

एक प्रसिद्ध दर्जी कपड़ा काटने के बाद कैंची को हमेशा अपने पैरों के पास दबाकर रखते थे, जबकि सिलाई के बाद सुई को अपनी टोपी पर लगा लेते थे। बेटे द्वारा इस अनोखी आदत का कारण पूछने पर पिता ने जीवन का एक बड़ा रहस्य साझा किया। उन्होंने बताया कि कैंची काटने और बांटने का प्रतीक है, जबकि सुई जोड़ने का कार्य करती है।

पिता ने बेटे को समझाया कि समाज को बांटने वालों का स्थान हमेशा नीचे होता है, जबकि लोगों को प्रेम और सद्भाव से जोड़ने वालों को सर्वोच्च सम्मान मिलता है। इस सीख ने यह स्पष्ट कर दिया कि जोड़ने की शक्ति तोड़ने की शक्ति से कहीं अधिक महान और आदरणीय होती है।

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