डॉक्टर सफेद और वकील काला कोट ही क्यों पहनते हैं जानिए इसके पीछे का रोचक इतिहास

डॉक्टर सफेद और वकील काला कोट ही क्यों पहनते हैं जानिए इसके पीछे का रोचक इतिहास

चिकित्सा विज्ञान में स्वच्छता और शुद्धता को प्राथमिकता देने के लिए उन्नीसवीं सदी से डॉक्टरों ने सफेद कोट पहनना शुरू किया। सफेद रंग शांति और ईमानदारी का प्रतीक है, जो मरीजों में विश्वास जगाता है। दूसरी ओर, वकीलों के काले कोट की परंपरा 17वीं शताब्दी में ब्रिटेन से शुरू हुई थी। काला रंग अधिकार, गंभीरता और निष्पक्षता को दर्शाता है, जो न्याय प्रणाली के लिए अनिवार्य माना जाता है।

इन रंगों का चयन केवल फैशन नहीं बल्कि गहरा मनोविज्ञान और इतिहास है। सफेद रंग जहाँ अस्पतालों में सकारात्मकता और स्वच्छता का अहसास कराता है, वहीं काला रंग कानून की गरिमा और अनुशासन का प्रतीक है। यही कारण है कि आज भी दुनिया भर में इन दोनों प्रतिष्ठित पेशों की पहचान इन खास रंगों के कोट से ही होती है।

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