‘लक्ष्मी का रूप हैं बेटियां!’ सितंबर के चौथे रविवार को ही क्यों मनाते हैं National Daughter’s Day?
इसमें कोई दो राय नहीं है कि बेटियों के बिना घर-आंगन खाली-खाली सा लगता है, क्योंकि बेटियां ही घर-आंगन को अपनी मौजूदगी से सजाती हैं और उसमें खुशियां फैल…