भारत की यूनिकेम पर सबसे गंभीर एक्शन! गलत लेबलिंग के चलते ‘क्लास-1 रिकॉल’ क्यों हुआ, जानें पूरा मामला
September 29, 2025
नई दिल्ली, 28 सितंबर (आईएएनएस)। भारतीय फार्मास्यूटिकल कंपनियों की दवाएं अमेरिकी बाजार से वापस मंगाई जा रही हैं। अमेरिका के खाद्य एवं औषधि प्रशासन (यूएसएफडीए) की हालिया रिपोर्ट के अनुसार, ग्लेनमार्क, ग्रेन्यूल्स इंडिया, सन फार्मा, जाइडस और यूनिकेम जैसी प्रमुख दवा कंपनियां विभिन्न कारणों से अपनी दवाओं को अमेरिका से वापस मंगा रही हैं। इसके पीछे का मुख्य कारण निर्माण प्रक्रिया में आई समस्याएं, दवाओं में अशुद्धियां और लेबलिंग में गलतियां बताई जा रही हैं।
किस कंपनी की दवा में क्या खामी?
- ग्लेनमार्क फार्मास्यूटिकल्स: कंपनी के गोवा प्लांट में बनी एजेलिक एसिड जेल की लगभग 13,824 ट्यूब वापस मंगाई गई हैं। कुछ उपयोगकर्ताओं ने इसकी बनावट (टेक्सचर) में गड़बड़ी की शिकायत की थी। ग्लेनमार्क की अमेरिकी शाखा ने 17 सितंबर को इस दवा के लिए एक ‘क्लास-2 रिकॉल’ की घोषणा की। क्लास-2 रिकॉल का मतलब है कि दवा का इस्तेमाल अस्थायी या उलटने योग्य स्वास्थ्य समस्याएं पैदा कर सकता है।
- ग्रैन्यूल्स इंडिया: इसने अटेंशन डेफिसिट हाइपरएक्टिविटी डिसऑर्डर (एडीएचडी) के इलाज के लिए इस्तेमाल होने वाली एक संयोजन दवा की लगभग 49,000 बोतलें वापस मंगाई हैं। इस दवा में अशुद्धि और गुणवत्ता परीक्षणों में खराबी पाई गई थी। ग्रैन्यूल्स इंडिया की यह रिकॉल ‘क्लास-3’ श्रेणी में आती है, जिसका स्वास्थ्य पर गंभीर नुकसान का जोखिम नहीं होता।
- सन फार्मा: सन फार्मा की अमेरिकी शाखा ने गुर्दे की जांच के लिए इस्तेमाल होने वाले एक इमेजिंग एजेंट से संबंधित 1,870 किट्स को वापस मंगाने की घोषणा की है। कंपनी को इस दवा के घुलने की जांच (dissolution test) में खामी मिली, जिसके चलते 3 सितंबर को ‘क्लास-2 रिकॉल’ शुरू किया गया।
- जाइडस: अहमदाबाद स्थित जाइडस की सहायक कंपनी, जाइडस फार्मास्युटिकल्स (यूएसए) ने एंटीवायरल दवा एंटेकाविर टैबलेट की 8,784 बोतलें वापस मंगाई हैं। इस दवा में भी अशुद्धि और खराबी की शिकायतें आई थीं। जाइडस ने 4 सितंबर को ‘क्लास-2 रिकॉल’ शुरू किया।
- यूनिकेम फार्मास्यूटिकल्स: सबसे गंभीर मामला यूनिकेम फार्मास्यूटिकल्स यूएसए इनकॉरपोरेट का है, जिसने दवाओं पर गलत लेबल लगाए जाने पर 230 बोतलें वापस मंगाई हैं। इस गलत लेबलिंग की वजह से मरीजों को गलत दवा मिलने का खतरा था। इस कारण यूनिकेम ने 27 अगस्त को ‘क्लास-1 रिकॉल’ घोषित किया, जो सबसे गंभीर श्रेणी का रिकॉल होता है।
भारतीय फार्मा कंपनियों के लिए यह लगातार हो रहा रिकॉल अमेरिकी बाजार में उनकी उत्पादन गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है।