बिहार में चुनावी बिसात बिछी! गिरिराज, रविशंकर, अश्विनी… बीजेपी ने सामाजिक संतुलन साधते हुए क्यों इन 45 चेहरों को चुना?
बिहार चुनाव के मद्देनजर भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने रविवार को अपनी 45 सदस्यीय चुनाव अभियान समिति की लिस्ट जारी कर दी है। इस समिति में केंद्र एवं राज्य सरकार के मंत्रियों, सांसद, विधायक, पूर्व सांसद और संगठन के वरिष्ठ पदाधिकारियों को शामिल किया गया है, जिसमें सामाजिक और क्षेत्रीय संतुलन का खास ध्यान रखा गया है। इस समिति का मुख्य काम प्रचार अभियान की रणनीति बनाना और उसे बूथ स्तर तक प्रभावी ढंग से लागू करना होगा।
किन बड़े नामों को मिली जगह: लिस्ट में केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह, नित्यानंद राय, स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय, सतीश चंद्र दुबे और राजभूषण निषाद जैसे कद्दावर नेता शामिल हैं। इसके अलावा, पूर्व भाजपा प्रदेश अध्यक्ष राधा मोहन सिंह और संजय जायसवाल, गोपाल नारायण सिंह का नाम भी है। पूर्व केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद, अश्विनी चौबे और राजीव प्रताप रूडी को भी समिति में महत्वपूर्ण स्थान दिया गया है।
सांसदों में विवेक ठाकुर, प्रदीप कुमार सिंह, जनार्दन सिंह सिग्रीवाल, गोपालजी ठाकुर, अशोक यादव, शंभू शरण पटेल और धर्मशीला गुप्ता को जगह मिली है। राष्ट्रीय मंत्री ऋतुराज सिन्हा, राष्ट्रीय प्रवक्ता शाहनवाज हुसैन के अतिरिक्त मंत्री प्रेम कुमार, रेणु देवी, जनक राम, हरि सहनी और पूर्व सांसद रमा देवी को भी सामाजिक समीकरण साधने के लिए शामिल किया गया है।
साथ ही, कृष्ण कुमार ऋषि, अनिल शर्मा (बख्तियारपुर), कृष्ण कुमार मंटू, राम नारायण मंडल, राजेंद्र प्रसाद गुप्ता, वीरेन्द्र चौधरी, अशोक अग्रवाल, हरि मांझी, लालमोहन गुप्ता, बेबी कुमारी, शीला प्रजापति, राजेंद्र चौपाल, यूपी शर्मा, उपेंद्र प्रसाद, राम कुमार राय, विश्वमोहन कुमार और तल्लु वासकी जैसे कई नए चेहरों को भी इस अहम लिस्ट में मौका दिया गया है।
चुनाव आयोग की तैयारी: 6 अक्टूबर के आसपास ऐलान संभव भाजपा ने हाल ही में धर्मेंद्र प्रधान को चुनाव प्रभारी, जबकि सीआर पाटिल और केशव प्रसाद मौर्य को सह प्रभारी नियुक्त किया है। चुनाव आयोग के अनुसार, 6 अक्टूबर के आसपास बिहार में चुनाव की तारीखों का ऐलान हो सकता है। सूत्रों के मुताबिक, मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार बिहार का दौरा करेंगे। उनके आगमन से पहले राज्य में ट्रांसफर-पोस्टिंग की प्रक्रिया पूरी करने के निर्देश दिए गए हैं।
बिहार की 243 विधानसभा सीटों पर होने वाले इस चुनाव में एनडीए और महागठबंधन के बीच सीधी टक्कर मानी जा रही है।