एशिया कप फाइनल में महा-विवाद, जीत के बाद भी नहीं ली ट्रॉफी! पाक मंत्री के हाथ से अवॉर्ड लेने से क्यों किया भारत ने इनकार?
रविवार को दुबई में एशिया कप फाइनल में पाकिस्तान को 5 विकेट से हराने के बाद भारतीय टीम ने पुरस्कार वितरण समारोह में ट्रॉफी लेने से इनकार कर दिया। एक घंटे से ज़्यादा देरी से आयोजित इस समारोह में ट्रॉफी एशियन क्रिकेट काउंसिल (ACC) के अध्यक्ष मोहसिन नकवी, जो पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) के चेयरमैन और पाकिस्तान के गृह मंत्री भी हैं, द्वारा दी जानी थी। भारतीय टीम के इनकार के बाद तब बवाल मच गया जब PCB के अध्यक्ष विजेता ट्रॉफी अपने साथ ले गए।
ट्रॉफी लेने से इनकार करने के बाद अब सवाल उठता है कि आगे क्या होगा। ICC के ‘रूल बुक’ में ऐसी स्थिति के लिए कोई विशिष्ट नियम नहीं है जो कप्तान को सज़ा देता हो, लेकिन इस जेस्चर को ‘क्रिकेट की भावना’ के खिलाफ माना जा सकता है। यह मामला ICC आचार संहिता के अंतर्गत आ सकता है। ट्रॉफी स्वीकार न करना ‘क्रिकेट की भावना’ का अनादर और टीम व खेल की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचा सकता है। ऐसे में, भारतीय कप्तान को इनकार का कारण बताना होगा, और फिर टूर्नामेंट की संचालन संस्था (ACC) या ICC अनुशासनात्मक कार्रवाई पर निर्णय ले सकती है।
इस बीच, भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ने नवंबर में होने वाली अगली ICC बैठक में मोहसिन नकवी के खिलाफ ‘कड़ा विरोध दर्ज’ कराने का संकल्प लिया है। बीसीसीआई सचिव देवाजीत सैकिया ने टीम के फैसले को सही ठहराते हुए कहा कि भारतीय टीम ऐसे किसी व्यक्ति से ट्रॉफी नहीं ले सकती जो “देश के खिलाफ युद्ध छेड़ रहा हो।” उन्होंने नकवी द्वारा ट्रॉफी अपने साथ ले जाने की घटना को “अवांछित, बहुत बचकाना” बताते हुए ICC में कड़ा विरोध दर्ज कराने की बात कही है। अगर PCB भी भारत के खिलाफ ICC से शिकायत करता है, तो अंतिम फैसला ICC ही करेगा।