39 करोड़ की बीमा राशि हड़पने की सनक, मेरठ में बेटे ने मां-बाप और भाई को मौत के घाट उतारा, दोस्त संग गिरफ्तार

उत्तर प्रदेश के मेरठ में बीमा राशि हड़पने का एक चौंकाने वाला और जघन्य मामला सामने आया है। यहाँ एक व्यक्ति ने बीमा के पैसों की सनक में आकर अपने मां-बाप और भाई की हत्या कर दी।

हापुड़ पुलिस ने एक बीमा कंपनी की प्राथमिकी पर आरोपी विशाल और उसके दोस्त सतीश को गिरफ्तार किया है। दोनों पर बीमा के 39 करोड़ रुपये हड़पने का आरोप है।

क्या है पूरा मामला और अपराध की शुरुआत?

मेरठ के गंगानगर में मुकेश सिंघल रहते थे, जिनका फोटोग्राफी का व्यवसाय था। उनके साथ उनकी पत्नी प्रभा देवी और बेटा विशाल रहता था।

पुलिस के अनुसार, कुछ साल पहले विशाल की पत्नी की प्राकृतिक मौत हो गई थी, जिसके बाद उसे बीमा के 30 लाख रुपये मिले थे। यहीं से विशाल के मन में अपराध का विचार आया।

परिवार की हत्या का तरीका:

  • मां की हत्या (2017): विशाल 2017 में अपनी माँ प्रभा देवी को बाइक से पिलखुआ ले गया। वापस लौटते समय उसने जानबूझकर बाइक दुर्घटनाग्रस्त कर दी, जिसमें माँ की मौत हो गई। इसे हादसा दिखाकर विशाल ने 80 लाख रुपये का बीमा क्लेम लिया।
  • भाई की हत्या: इसी तरह, उसने भाई की मौत को भी हादसा बताकर बीमा के पैसे हड़प लिए।
  • पिता की हत्या (27 मार्च, 2024): इसके बाद 27 मार्च, 2024 को उसके पिता मुकेश सिंघल की भी गढ़मुक्तेशवर से लौटते समय सड़क हादसे में मौत हो गई।

साजिश का पर्दाफाश:

पिता मुकेश सिंघल ने निवा बूपा, टाटा AIG, मैक्स लाइफ सहित 50 से अधिक कंपनियों से कुल 39 करोड़ रुपये का बीमा कराया था, जबकि उनकी सालाना आय मात्र 12-15 लाख रुपये थी। विशाल ने हर कंपनी से क्लेम ले लिया था, लेकिन निवा बूपा को शक हुआ।

कंपनी ने पाया कि सिंघल की मौत दोपहर में हुई थी, जबकि रिकॉर्ड में रात का समय दिखाया गया था। साथ ही, मौत स्थल और कारण अस्पष्ट थे। कंपनी की शिकायत पर जब जांच शुरू हुई, तो साजिश का खुलासा हो गया।

पुलिस को संगठित नेटवर्क का शक:

पुलिस ने जांच में पाया कि आरोपी ने पिता को पहले नवजीवन अस्पताल में भर्ती कराया था, जबकि मौत आनंद अस्पताल में दिखाई गई है। इसके अलावा, सभी भुगतान नकद हुए हैं और घटनास्थल पर दुर्घटना के कोई साक्ष्य या चश्मदीद मौजूद नहीं थे।

पुलिस को संदेह है कि आरोपी जिस तरह से क्लेम ले रहा था, उसमें उसके साथ एक बड़ा संगठित नेटवर्क जुड़ा हुआ है, जो पैसे लेकर फर्जी दस्तावेज तैयार करवाता था। पुलिस अब इस संगठित गिरोह की तलाश कर रही है।

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