अंधविश्वास का काला कारोबार! रोहड़ू में सर्राफा व्यापारियों के ठिकानों पर रेड, ६ लोग गिरफ्तार

हिमाचल प्रदेश के शिमला जिले में अवैध वन्यजीव व्यापार के खिलाफ वन विभाग ने अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। मंगलवार को रोहड़ू कस्बे में ‘ऑपरेशन क्लॉइंग बैक’ के तहत ज्वेलर्स की दुकानों पर की गई छापेमारी में भारी मात्रा में संरक्षित जानवरों के अंग बरामद किए गए हैं। इस ऑपरेशन ने पूरे क्षेत्र में हड़कंप मचा दिया है।

मंडलीय वनाधिकारी (DFO) रवि शंकर शर्मा के नेतृत्व में वन विभाग की टीम ने खुफिया जानकारी के आधार पर रोहड़ू के बाजारों में दबिश दी। इस दौरान ६ ज्वेलर्स के कब्जे से तेंदुए के ८५ नाखून और ५ दांत बरामद किए गए। इन अंगों को अवैध रूप से गहनों, ताबीजों और लॉकेट में इस्तेमाल करने के लिए छिपाकर रखा गया था। तेंदुए वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत एक संरक्षित प्रजाति हैं, और उनके शरीर के किसी भी अंग को रखना या बेचना एक गंभीर आपराधिक मामला है।

सूत्रों के मुताबिक, अंधविश्वास के चलते कई लोग तेंदुए के नाखूनों और दांतों को शुभ मानकर महंगे दामों पर खरीदते हैं, जिससे शिकार और तस्करी को बढ़ावा मिलता है। डीएफओ रवि शंकर शर्मा ने स्पष्ट किया कि वन्यजीवों के संरक्षण के मामले में विभाग की ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति है और दोषियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। विभाग ने आम जनता से भी अपील की है कि वे ऐसे अवैध उत्पादों की खरीद न करें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत अधिकारियों को दें।

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