भारत में होकर भी समिट से बाहर थे बिल गेट्स! अब आखिरी वक्त में हुई धमाकेदार एंट्री, जानिए क्या है सच
नई दिल्ली में आयोजित होने वाले ‘एआई इम्पैक्ट समिट 2026’ को लेकर पिछले कुछ घंटों से चल रहा हाई-वोल्टेज ड्रामा अब शांत होता दिख रहा है। माइक्रोसॉफ्ट के सह-संस्थापक बिल गेट्स के इस समिट में शामिल होने को लेकर बनी अनिश्चितता अब खत्म हो गई है। पहले खबर आई थी कि ‘ग्लोबल विजनरीज’ की लिस्ट से उनका नाम हटा दिया गया है, लेकिन मंगलवार को गेट्स के प्रवक्ता ने पुष्टि कर दी है कि वह न केवल समिट में हिस्सा लेंगे, बल्कि अपने विचार भी साझा करेंगे।
इस पूरे विवाद की जड़ चर्चित ‘एपस्टीन फाइल्स’ को माना जा रहा है। सूत्रों के मुताबिक, इन फाइलों में बिल गेट्स का नाम आने और उन पर लगे गंभीर आरोपों के कारण कयास लगाए जा रहे थे कि शायद इसी वजह से उन्हें मुख्य कार्यक्रम से दूर रखा जा रहा है। सरकारी गलियारों में भी “अपरिहार्य कारणों” का हवाला देकर उनके शामिल न होने की बात कही जा रही थी। बिल गेट्स दो दिन पहले ही भारत पहुंच चुके थे, लेकिन कार्यक्रम की आधिकारिक सूची से उनका नाम गायब होना कई सवाल खड़े कर रहा था।
यह समिट भारत के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। 19-20 फरवरी को होने वाले मुख्य कार्यक्रम का उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी करेंगे। इस मंच पर फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों, ब्राजील के राष्ट्रपति लुइज़ इनासियो लूला डा सिल्वा, गूगल के सुंदर पिचाई, रिलायंस के मुकेश अंबानी और ओपनएआई के सैम ऑल्टमैन जैसे दिग्गज शामिल हो रहे हैं। ऐसे में बिल गेट्स जैसे ‘टेक टाइटन’ का नाम कटना अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बन गया था।
विशेषज्ञों का मानना है कि एआई की दुनिया में बिल गेट्स का योगदान और प्रभाव इतना अधिक है कि उन्हें नजरअंदाज करना मुश्किल है। हालांकि एपस्टीन विवाद ने उनकी छवि पर दाग जरूर लगाया है, लेकिन नई दिल्ली के इस वैश्विक मंच पर उनकी मौजूदगी यह दर्शाती है कि भविष्य की तकनीक पर चर्चा उनके बिना अधूरी है। अब सबकी निगाहें इस पर टिकी हैं कि बिल गेट्स इस महत्वपूर्ण मंच से दुनिया को क्या संदेश देते हैं।