RG Kar Case: सीबीआई की चार्जशीट में बड़ा खुलासा, क्या अभी बाकी है असली गुनहगारों का बेनकाब होना?
आरजी कर अस्पताल भ्रष्टाचार मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने एक ऐसी सप्लीमेंट्री चार्जशीट दाखिल की है, जिसने पूरे बंगाल में हलचल मचा दी है। हालांकि मौखिक रूप से जांच पूरी होने की चर्चा थी, लेकिन चार्जशीट के पन्ने कुछ और ही कहानी बयां कर रहे हैं। सीबीआई ने स्पष्ट संकेत दिया है कि जरूरत पड़ने पर भविष्य में जांच का दायरा और बढ़ाया जा सकता है।
चार्जशीट के पेज नंबर 29 पर जांच एजेंसी ने विशेष रूप से उल्लेख किया है कि वे फॉरेंसिक विशेषज्ञों की अंतिम रिपोर्ट का इंतजार कर रहे हैं। यदि फॉरेंसिक रिपोर्ट में कोई भी ‘पॉजिटिव’ साक्ष्य मिलता है, तो जांच प्रक्रिया को नए सिरे से आगे बढ़ाया जाएगा। यह संकेत देता है कि सीबीआई ने अभी इस केस की फाइल को पूरी तरह बंद नहीं किया है।
अख्तर अली के खिलाफ चार्ज फ्रेम भ्रष्टाचार के इस खेल में आरजी कर के पूर्व डिप्टी सुपर (नॉन-मेडिकल) अख्तर अली की मुश्किलें बढ़ने वाली हैं। कोर्ट 25 फरवरी को उनके खिलाफ आरोप तय (Charge Frame) करेगा, जिसके बाद औपचारिक सुनवाई शुरू होगी। इसी दिन शशिकांत चंदक के खिलाफ भी आरोप तय किए जाने की संभावना है।
पीड़िता के माता-पिता का पुलिस पर गंभीर आरोप दूसरी ओर, आरजी कर की मृतका के माता-पिता ने सियालदह कोर्ट में एक याचिका दायर कर सनसनी फैला दी है। उन्होंने कोलकाता पुलिस के एसीआई अनूप दत्त को हिरासत में लेकर पूछताछ करने की मांग की है। परिजनों का आरोप है कि घटना के समय वहां मौजूद कई लोगों का व्यवहार संदिग्ध था और यह एक बड़ी साजिश का हिस्सा है। उन्होंने सीबीआई की जांच की सुस्त रफ्तार पर भी अपनी नाराजगी जाहिर की है। कोर्ट में दी गई इस दलील के बाद अब सबकी नजरें आगामी सुनवाई पर टिकी हैं।