“चाहे वोट दिया हो या नहीं, यह देश सबका है!” बांग्लादेश के नए पीएम ने दिया समानता का मंत्र

बांग्लादेश के नवनियुक्त प्रधानमंत्री तारिक रहमान ने सत्ता संभालते ही देश की व्यवस्था सुधारने के लिए कमर कस ली है। बुधवार को राष्ट्र के नाम अपने पहले संबोधन में उन्होंने भ्रष्टाचार मुक्त और सुरक्षित बांग्लादेश बनाने के लिए १८० दिनों की समय सीमा (डेडलाइन) निर्धारित की है। आमतौर पर नई सरकारें १०० दिनों का एजेंडा पेश करती हैं, लेकिन तारिक रहमान ने सभी मंत्रालयों को ६ महीने के भीतर अपनी योजनाओं को जमीन पर उतारने का निर्देश दिया है।

अपने भाषण में ६० वर्षीय तारिक रहमान ने समावेशी राजनीति पर जोर देते हुए कहा, “हिंदू, मुस्लिम, बौद्ध या ईसाई—यह देश हर नागरिक के लिए सुरक्षित स्थान होगा। आपने हमें वोट दिया हो या नहीं, एक बांग्लादेशी के रूप में इस राष्ट्र में हर किसी का समान अधिकार है।” सरकार ने अपनी चार मुख्य प्राथमिकताएं तय की हैं: कानून-व्यवस्था में सुधार, महंगाई पर लगाम, निर्बाध बिजली-गैस आपूर्ति और परिवहन (विशेषकर रेलवे) का आधुनिकीकरण।

गृह मंत्री सलाहुद्दीन अहमद ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि अब बांग्लादेश में ‘मब कल्चर’ (भीड़ की हिंसा) के लिए कोई जगह नहीं है। विरोध प्रदर्शन लोकतांत्रिक तरीके से हो सकते हैं, लेकिन अराजकता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। वहीं, विदेश मंत्री खलीलुर रहमान ने ‘बांग्लादेश फर्स्ट’ की नई विदेश नीति की घोषणा की है, जो दिवंगत राष्ट्रपति जियाउर रहमान के सिद्धांतों पर आधारित होगी। तारिक रहमान का यह सख्त और स्पष्ट रुख बांग्लादेश में स्थिरता लाने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।

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