SSC भर्ती मामला: दिव्यांग ‘योग्य’ शिक्षकों को बड़ी राहत, हाईकोर्ट ने नौकरी सुरक्षित रखने का दिया निर्देश

पश्चिम बंगाल स्कूल सेवा आयोग (SSC) भर्ती मामले में कलकत्ता उच्च न्यायालय ने एक महत्वपूर्ण फैसला सुनाते हुए दिव्यांग कोटे के तहत नियुक्त ‘योग्य’ शिक्षकों को बड़ी राहत दी है। न्यायमूर्ति अमृता सिन्हा ने स्पष्ट किया है कि 2016 की भर्ती प्रक्रिया में विशेष रूप से सक्षम कोटे के तहत नियुक्त ‘अनटेंटेड’ (बिना दाग वाले) शिक्षकों को अदालत की अनुमति के बिना नौकरी से नहीं निकाला जा सकता है।
यह मामला 2016 के पैनल से जुड़ा है, जहां कुल 96 दिव्यांग शिक्षकों को नियुक्त किया गया था। हालांकि, 2025 में आयोग ने अचानक इस कोटे के तहत रिक्तियों की संख्या घटाकर 58 कर दी। शिक्षकों ने अदालत का दरवाजा खटखटाते हुए आरोप लगाया कि पदों की संख्या कम होने से उनकी नौकरी पर तलवार लटक रही है। सुप्रीम कोर्ट के स्पष्ट आदेश के बावजूद कि योग्य उम्मीदवारों को बरकरार रखा जाए, आयोग का यह कदम शिक्षकों के बीच दहशत पैदा कर रहा था।
न्यायमूर्ति अमृता सिन्हा ने नाराजगी जताते हुए पूछा कि अचानक पदों की संख्या में कटौती कैसे की गई? अदालत ने आयोग और राज्य सरकार को 4 सप्ताह के भीतर हलफनामा दाखिल करने का निर्देश दिया है। राज्य सरकार का तर्क है कि रिक्तियां स्कूलों की मांग के आधार पर तय की जाती हैं, लेकिन अदालत इस प्रक्रिया की जांच करेगी। फिलहाल, मामले के निपटारे तक सभी 96 शिक्षक अपने पदों पर बने रहेंगे, जो उनके लिए एक बड़ी जीत मानी जा रही है।