WB SIR Final List Out: बंगाल वोटर लिस्ट से ६१ लाख से ज्यादा नाम गायब, कहीं आपका नाम तो नहीं कटा?
पश्चिम बंगाल में आगामी विधानसभा चुनाव २०२६ से पहले स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है और शनिवार को चुनाव आयोग ने बहुप्रतीक्षित फाइनल लिस्ट जारी कर दी है। इस प्रक्रिया में राज्य की मतदाता सूची में बड़े पैमाने पर काट-छांट देखने को मिली है। ताजा आंकड़ों के अनुसार, कुल ६१,७८,२४५ मतदाताओं के नाम सूची से हटा दिए गए हैं।
क्या है आंकड़ों का पूरा गणित? SIR प्रक्रिया शुरू होने से पहले बंगाल में कुल मतदाताओं की संख्या ७,६६,३७,५२৯ थी। जब ड्राफ्ट लिस्ट (खसड़ा तालिका) जारी हुई, तो लगभग ५८ लाख नाम गायब मिले। दरअसल, ५८,२०,८९९ एन्यूमरेशन फॉर्म जमा नहीं हुए थे, जिसके कारण ड्राफ्ट लिस्ट में मतदाताओं की संख्या घटकर ७,०८,१६,६३० रह गई थी।
शनिवार को जारी फाइनल लिस्ट में आयोग ने स्पष्ट किया कि ड्राफ्ट लिस्ट के बाद भी ५,४६,०५३ अतिरिक्त नाम हटाए गए हैं। हालांकि, इस दौरान नए मतदाताओं को जोड़ने का काम भी हुआ। फॉर्म ६ और ६ए के माध्यम से १,८२,०३६ नए नाम शामिल किए गए, जबकि फॉर्म ८ के जरिए सुधार के बाद ६,६७१ नाम जोड़े गए। इस प्रकार, अब पश्चिम बंगाल में कुल मतदाताओं की संख्या ७,०४,५९,२८४ है।
राजनीतिक घमासान और अदालती हस्तक्षेप: बंगाल में इस SIR प्रक्रिया को लेकर शुरू से ही राजनीतिक घमासान जारी है। बीजेपी ने दावा किया था कि राज्य में करीब एक करोड़ फर्जी नाम हैं, जिन्हें हटाया जाना चाहिए। वहीं, सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस ने इसे नागरिकों को परेशान करने वाली प्रक्रिया बताया था। मामला सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचा, जिसके बाद कोर्ट के निर्देश पर ५०० से अधिक न्यायिक अधिकारियों की देखरेख में सत्यापन कार्य हुआ।
क्या है ‘Adjudication’ मार्क? इस बार की वोटर लिस्ट में एक खास बात यह है कि करीब ६०,०६,६७५ मतदाताओं के नाम के आगे ‘Under Adjudication’ लिखा गया है। इसका अर्थ है कि इन मतदाताओं के दस्तावेजों की अभी न्यायिक जांच चल रही है। जब तक सप्लीमेंट्री लिस्ट (पूरक सूची) जारी नहीं होती, तब तक इनकी स्थिति स्पष्ट नहीं होगी।
आम जनता अब चुनाव आयोग की आधिकारिक वेबसाइट या राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) के पोर्टल पर जाकर अपना नाम चेक कर सकती है। यदि किसी का नाम गलती से कट गया है, तो उसके लिए भी आयोग ने अपील करने का प्रावधान रखा है।