Arvind Kejriwal Comeback: ‘बीजेपी १० सीटें जीत ले तो राजनीति छोड़ दूँगा’, जेल से छूटते ही केजरीवाल का बड़ा धमाका!
दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने एक बार फिर राजनीति के अखाड़े में धमाकेदार वापसी की है। दिल्ली आबकारी नीति मामले में राउज एवेन्यू कोर्ट ने केजरीवाल, मनीष सिसोदिया और अन्य २३ आरोपियों को बेकसूर करार देते हुए बरी कर दिया है। कोर्ट ने सबूतों के अभाव में सीबीआई को फटकार भी लगाई है। जेल से पूरी तरह मुक्त होने के बाद केजरीवाल ने अपनी चुप्पी तोड़ी और सीधे बीजेपी के शीर्ष नेतृत्व को ललकारा।
राजनीति छोड़ने का बड़ा दांव: अदालत के फैसले के बाद केजरीवाल काफी भावुक नजर आए और उन्होंने कहा, “मैंने भ्रष्टाचार नहीं किया, मैं कट्टर ईमानदार हूँ।” घर लौटते ही उन्होंने मीडिया के सामने हुंकार भरते हुए कहा, “मैं मोदी जी को चुनौती देता हूँ कि दिल्ली में फिर से चुनाव कराएं। अगर बीजेपी १० से ज्यादा सीटें ले आई, तो मैं राजनीति से संन्यास ले लूँगा।” केजरीवाल का यह आत्मविश्वास उनकी कानूनी जीत से उपजा है, जो आने वाले चुनावों में गेमचेंजर साबित हो सकता है।
चुप्पी का राज खोला: जमानत मिलने के बाद भी केजरीवाल काफी समय तक पर्दे के पीछे थे। इस पर उन्होंने सफाई दी, “लोग पूछ रहे थे कि मैं कहाँ गायब हो गया। मैंने तय किया था कि जब तक सच्चाई सामने नहीं आती, मैं खामोश रहूँगा। मेरे परिवार ने बहुत कुछ सहा है, लेकिन आज न्याय की जीत हुई है।”
कोर्ट की फटकार और ‘आप’ की रणनीति: अदालत ने सीबीआई को फटकार लगाते हुए कहा कि बिना ठोस सबूतों के किसी को सलाखों के पीछे रखना गलत है। इस फैसले ने आम आदमी पार्टी को नई संजीवनी दे दी है। अब केजरीवाल दिल्ली की गलियों में फिर से ‘विक्टिम कार्ड’ और ‘ईमानदारी’ के मुद्दे पर बीजेपी को घेरने की तैयारी में हैं।