‘चाहे SIR करो या FIR, BJP 50 सीट भी नहीं जीत पाएगी!’— अभिषेक बनर्जी का खुला चैलेंज

पश्चिम बंगाल में मतदाता सूची संशोधन (SIR) प्रक्रिया को लेकर राजनीतिक घमासान अपने चरम पर पहुँच गया है। शनिवार को जारी हुई अंतिम सूची में लाखों मतदाताओं के नाम हटाए जाने के खिलाफ तृणमूल कांग्रेस ने अब सड़क पर उतरने का फैसला किया है। पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी ने रविवार को घोषणा की कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी आगामी 6 मार्च, शुक्रवार दोपहर 2 बजे से कोलकाता के धर्मतला में विशाल धरने पर बैठेंगी।
अभिषेक बनर्जी ने भाजपा और चुनाव आयोग पर मिलीभगत का आरोप लगाते हुए कहा, “आप चाहे SIR का सहारा लें या FIR का, भाजपा इस बार 50 सीटों का आंकड़ा भी पार नहीं कर पाएगी। इनकी जो हालत 2021 में हुई थी, 2026 में उससे भी बुरा हश्र होगा।” अभिषेक ने दावा किया कि लगभग 63 लाख वैध मतदाताओं के नाम हटा दिए गए हैं और 60 लाख नाम अभी भी ‘विचाराधीन’ रखे गए हैं।
अभिषेक ने तंज कसते हुए पूछा कि आखिर किस “जादू की छड़ी” से चुनाव आयोग इतने कम समय में करोड़ों नामों का निपटारा कर रहा है? उन्होंने कहा कि अगर लाखों वोटरों का दर्जा ‘अंडर-एडजुडिकेशन’ है, तो केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री का पद भी उसी श्रेणी में होना चाहिए। तृणमूल का कहना है कि यह लड़ाई बंगाल के लोगों के लोकतांत्रिक अधिकारों को बचाने की है और इसे ब्लॉक स्तर तक ले जाया जाएगा।