SIR का खौफ! चुनाव आयोग के खिलाफ FIR दर्ज, युवक की मौत पर तृणमूल और बीजेपी में जुबानी जंग

दक्षिण 24 परगना के उश्ती थाना अंतर्गत घोला नोआपाड़ा इलाके में एक 38 वर्षीय युवक, रफीक अली गाजी का फंदे से लटकता शव मिलने से हड़कंप मच गया है। परिवार का आरोप है कि हालिया एसआईआर (SIR) प्रक्रिया के कारण वोटर लिस्ट में उनके नाम के आगे ‘विचाराधीन’ (Under Scrutiny) लिख दिया गया था। इसके बाद से ही रफीक इस डर में थे कि शायद वह अपना मताधिकार और नागरिकता खो देंगे। इसी मानसिक दबाव के चलते उन्होंने आत्महत्या जैसा आत्मघाती कदम उठाया।

पीड़ित परिवार ने इस मामले में भारत के मुख्य चुनाव आयुक्त और राज्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ उश्ती थाने में एफआईआर दर्ज कराई है। उनका कहना है कि प्रशासनिक प्रताड़ना ने रफीक को मौत के मुंह में धकेल दिया। इस घटना ने पश्चिम बंगाल की राजनीति में उबाल ला दिया है। सत्ताधारी तृणमूल कांग्रेस (TMC) का आरोप है कि बीजेपी के इशारे पर चुनाव आयोग आम लोगों को परेशान कर रहा है। टीएमसी नेता इमरान खान ने कहा कि एसआईआर के डर ने रफीक की जान ली है।

वहीं, बीजेपी नेता सुफल खाटू ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि तृणमूल हर घटना में ‘एसआईआर का भूत’ देख रही है। उन्होंने कहा कि जांच से पहले ही राजनीति शुरू कर दी गई है। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले की जांच जारी है। इलाके में तनाव को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है।

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *