होरमुज जलडमरूमध्य में पाकिस्तान की ‘एंट्री’, क्या ईरान के खास ऑफर ने भारत की बढ़ाई टेंशन?

पश्चिम एशिया में जारी भारी तनाव के बीच पाकिस्तान ने एक बड़ी कूटनीतिक जीत हासिल की है। पाकिस्तान के विदेश मंत्री इशाक डार ने घोषणा की है कि ईरान सरकार ने पाकिस्तान के २० जहाजों को होरमुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) से गुजरने की विशेष अनुमति दे दी है। इस समझौते के तहत, अब हर दिन पाकिस्तान के दो जहाज इस रणनीतिक जलमार्ग को सुरक्षित पार कर सकेंगे। डार ने इसे क्षेत्र में शांति और स्थिरता की दिशा में एक “सकारात्मक कदम” बताया है।

विशेषज्ञों का मानना है कि यह केवल एक व्यापारिक समझौता नहीं है, बल्कि इसके गहरे राजनीतिक मायने हैं। इशाक डार ने अपने आधिकारिक बयान में अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस और विदेश मंत्री मार्को रुबियो को भी टैग किया है। इससे साफ संकेत मिलता है कि पाकिस्तान खुद को ईरान और अमेरिका के बीच एक संभावित मध्यस्थ के रूप में पेश कर रहा है। रॉयटर्स के अनुसार, इस घोषणा से पहले डार और ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची के बीच लंबी बातचीत हुई थी, जिसमें युद्धविराम और दीर्घकालिक शांति पर चर्चा की गई।

ईरान ने भारत, चीन, रूस और इराक के साथ पाकिस्तान को भी ‘मित्र राष्ट्र’ की सूची में रखा है, लेकिन पाकिस्तान को मिली यह प्राथमिकता भारत के लिए चिंता का विषय है। वर्तमान में भारत के कम से कम २० एलपीजी टैंकर होरमुज के पश्चिमी हिस्से में फंसे हुए हैं। भारत के जहाजरानी मंत्रालय के अनुसार, ‘जग विक्रम’ और ‘ग्रीन आशा’ जैसे बड़े जहाज अभी भी अनुमति का इंतजार कर रहे हैं। ऐसे में पाकिस्तान को मिली यह छूट अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत की रणनीतिक स्थिति के लिए एक बड़ी चुनौती पेश कर सकती है।

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