चुनाव आयोग का बड़ा एक्शन! बंगाल में एक साथ ८३ बीडीओ का तबादला, नंदीग्राम भी चपेट में

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव २०२६ के लिए बिगुल बजते ही चुनाव आयोग ने राज्य प्रशासन की कमर कसनी शुरू कर दी है। पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) और जिलाधिकारियों के बाद अब आयोग ने जमीनी स्तर पर चुनाव संभालने वाले ब्लॉक विकास अधिकारियों (बीडीओ) पर बड़ी कार्रवाई की है। रविवार को जारी एक आदेश में राज्य के विभिन्न जिलों से एक साथ ८३ बीडीओ का तबादला कर दिया गया है। इस सूची में सबसे चौंकाने वाला नाम नंदीग्राम १ और २ के बीडीओ का है, जिन्हें तत्काल प्रभाव से हटा दिया गया है।
आंकड़ों के अनुसार, सबसे बड़ी कार्रवाई शुभेंदु अधिकारी के गढ़ पूर्वी मेदिनीपुर में हुई है, जहाँ १४ बीडीओ को बदल दिया गया है। इसके अलावा दक्षिण २४ परगना में ११, उत्तर २४ परगना में ७ और हुगली तथा मालदा में ५-५ बीडीओ के तबादले किए गए हैं। उत्तर बंगाल के कूचबिहार, जलपाईगुड़ी और उत्तर दिनाजपुर जैसे संवेदनशील जिलों में भी बड़े पैमाने पर फेरबदल किया गया है। चुनाव आयोग का कहना है कि यह कदम निष्पक्ष और पारदर्शी चुनाव सुनिश्चित करने के लिए उठाया गया है।
गौरतलब है कि चुनाव की घोषणा के बाद से ही आयोग ने राज्य के मुख्य सचिव, गृह सचिव और कोलकाता पुलिस कमिश्नर जैसे शीर्ष पदों पर नए अधिकारियों की नियुक्ति की है। हाल ही में ७३ रिटर्निंग ऑफिसर और ११ जिलाधिकारियों को भी बदला गया था। सत्ताधारी तृणमूल कांग्रेस ने आयोग के इन फैसलों की कड़ी निंदा करते हुए इसे केंद्र के इशारे पर की गई कार्रवाई बताया है। वहीं, विपक्षी दलों ने इस कदम का स्वागत करते हुए कहा है कि इससे चुनावी धांधली पर लगाम लगेगी। मतदान से पहले इतने बड़े पैमाने पर प्रशासनिक सर्जरी ने बंगाल की सियासी तपिश को और बढ़ा दिया है।